देहरादून। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के मामले में एसआईटी ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मध्य प्रदेश के भोपाल निवासी 37 वर्षीय धीरज कुमार श्रीवास्तव की गिरफ्तारी के बाद मामले में जांच और आगे बढ़ी है। आरोपी के कब्जे से 5.58 लाख रुपये बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर 2026 को रायपुर और क्लेमेंटाउन थाना क्षेत्रों में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने की जानकारी सामने आई थी। जांच में अभ्यर्थियों की ओर से लगाए गए दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसके बाद दोनों थानों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने एसपी ग्रामीण-1 जया बलोनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की।
जांच के दौरान एसआईटी ने अभ्यर्थियों से जुड़े दस्तावेजों के साथ संबंधित शिक्षण संस्थानों के रिकॉर्ड भी खंगाले। इससे पहले 21 सितंबर को रूपेश पंडित और अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, रूपेश की निशानदेही पर मेरठ स्थित उसके घर से फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने के एवज में लिए गए आठ लाख रुपये भी बरामद किए गए थे।
जांच में धीरज श्रीवास्तव का नाम सामने आने के बाद एसआईटी ने उसे टाटा नेक्सॉन कार से गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से 5.58 लाख रुपये मिले। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में धीरज ने बताया कि यह रकम उसे रूपेश पंडित ने फ्रीडम फाइटर कोटे के माध्यम से छात्रों को एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के बदले कमीशन के तौर पर दी थी।
पुलिस के मुताबिक, धीरज भोपाल में ‘एमबीबीएस वे’ नाम से कार्यालय चलाता था। वहां से वह विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों में मेडिकल समेत अन्य पाठ्यक्रमों में कमीशन के आधार पर दाखिला कराने का काम करता था। जांच में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तीन अभ्यर्थियों को एमबीबीएस में दाखिला दिलाए जाने की बात सामने आई है। एसआईटी अब मामले से जुड़े अन्य लोगों और लेन-देन की भी जांच कर रही है।