कोलकाता, 20 सितंबर। चर्चित लेखिका तसलीमा नसरीन एक बार फिर कोलकाता आने की तैयारी में हैं। करीब दो महीने के अंतराल के बाद वह दुर्गापूजा से पहले महालया के आसपास शहर पहुंच सकती हैं। जानकारी के मुताबिक, तसलीमा 8 अक्टूबर को कोलकाता आएंगी और 12 अक्टूबर तक यहां रहने की संभावना है। इस दौरान वह एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगी।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम का आयोजन महाजाति सदन में किया जाएगा। यहां तसलीमा नसरीन की चर्चित रचना ‘शिकोल भांगार गल्पो’ यानी ‘जंजीर तोड़ने की कहानी’ का मंचन प्रस्तावित है। इस प्रस्तुति के निर्देशन की जिम्मेदारी खुद तसलीमा नसरीन संभालेंगी, जबकि प्रसिद्ध नृत्यांगना मैत्री पहाड़ी इसके लिए कोरियोग्राफी करेंगी। हालांकि कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
तसलीमा नसरीन के अक्टूबर में कोलकाता आने की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब उनके शहर से जुड़ाव को लेकर एक बार फिर साहित्यिक और सांस्कृतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। उनके आने से उनके प्रशंसकों और साहित्य प्रेमियों में भी उत्सुकता बढ़ी है।
इससे पहले तसलीमा नसरीन करीब दो दशक के अंतराल के बाद एक अगस्त को कोलकाता पहुंची थीं। उस दौरान रवींद्र सदन में ‘सेक्युलर मिशन’ की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में उनका स्वागत किया गया था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उनका स्वागत करते हुए उनकी सुरक्षा का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा था कि तसलीमा जब चाहें, कोलकाता आ सकती हैं।
पिछली बार कोलकाता से रवाना होते समय तसलीमा ने हवाईअड्डे पर अक्टूबर में दोबारा शहर आने की संभावना जताई थी। अब उनके अक्टूबर में लौटने की खबर सामने आई है। यदि प्रस्तावित कार्यक्रम तय कार्यक्रम के अनुसार होता है, तो दुर्गापूजा के मौसम में साहित्य प्रेमियों को तसलीमा को करीब पांच दिनों तक शहर में देखने और उनके कार्यक्रम से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।
‘लज्जा’, ‘द्विखंडित’ और ‘मेयबेला’ जैसी चर्चित रचनाओं के लिए जानी जाने वाली तसलीमा नसरीन की कोलकाता यात्रा को लेकर अब औपचारिक घोषणा का इंतजार है।