पाकिस्तान में भारतीय कॉल से क्यों डर रहे लोग? काटजू के तंज ने बढ़ाई हलचल

नई दिल्ली। पाकिस्तान में भारतीय नंबरों से आने वाली कॉल को लेकर लोगों में कथित डर का मामला सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने एक पाकिस्तानी दोस्त के अनुभव का हवाला देते हुए यह दावा किया है। काटजू के मुताबिक, उनका दोस्त लंबे समय से उनकी व्हाट्सऐप कॉल का जवाब नहीं दे रहा था। बाद में संपर्क होने पर दोस्त ने कथित तौर पर कहा कि पाकिस्तान में भारतीयों की कॉल उठाना अब जोखिम भरा माना जा रहा है।

काटजू ने इस घटनाक्रम को पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ के हालिया बयान से जोड़ते हुए उन पर व्यंग्य किया। मरियम ने लाहौर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि पंजाब को भारत की तुलना में पड़ोसी पाकिस्तानी प्रांतों से ज्यादा खतरा है। उन्होंने खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान का उल्लेख करते हुए कहा था कि पंजाब में आतंकवाद का खतरा इन्हीं आंतरिक सीमाओं से अधिक है।

मरियम के मुताबिक, करीब 13 करोड़ की आबादी वाले पंजाब के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसके अपने पड़ोसी प्रांतों से है, जबकि भारत से लगी सीमा को उन्होंने अपेक्षाकृत कम खतरनाक बताया। उनके इस बयान की पाकिस्तान के विपक्षी दल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेताओं ने आलोचना की और इसे अपमानजनक करार दिया।

इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए काटजू ने अपने पाकिस्तानी मित्र को व्यंग्यात्मक सलाह दी कि यदि भारत से ज्यादा खतरा बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा से है, तो भारतीय कॉल से डरने के बजाय इन दोनों प्रांतों से आने वाली कॉल से सावधान रहना चाहिए।

काटजू की टिप्पणी ने पाकिस्तान में सुरक्षा, आतंकवाद और आंतरिक राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर चल रही बहस को एक अलग दिशा दे दी है। हालांकि भारतीय कॉल को लेकर उनके दोस्त के अनुभव का दावा व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। वहीं, मरियम नवाज के बयान ने पाकिस्तान के भीतर आतंकवाद और प्रांतीय संबंधों को लेकर राजनीतिक विवाद को भी हवा दी है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.