देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से मंगलवार को लोक भवन में देहरादून स्थित विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधियों ने सिख समाज से जुड़े सामाजिक, सामुदायिक और जनकल्याण से संबंधित विभिन्न विषयों पर राज्यपाल के साथ चर्चा की।
राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि सिख गुरुओं की शिक्षाएं मानवता, सेवा, समानता और भाईचारे का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारों और सिख समाज की ओर से जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए किए जा रहे सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। लंगर, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचना सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है।
लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि ‘सेवा’ और सामाजिक समरसता सिख परंपरा की महत्वपूर्ण विशेषताएं हैं। सिख समाज ने निस्वार्थ सेवा और मानव कल्याण की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि समाज में आपसी सौहार्द, भाईचारा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
राज्यपाल ने विशेष रूप से युवाओं को गुरु साहिबानों की शिक्षाओं, भारतीय संस्कृति, राष्ट्र सेवा और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों से परिचित कराने के साथ-साथ आधुनिक ज्ञान, तकनीक और नवाचार के अवसरों से जोड़ना भी जरूरी है। इससे युवा परंपरा और आधुनिकता के बीच बेहतर संतुलन स्थापित कर समाज और राष्ट्र के विकास में प्रभावी योगदान दे सकेंगे।
इस अवसर पर गुरुद्वारा कमेटियों के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल को विभिन्न सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने गुरुद्वारा साहिब में संचालित सेवा कार्यों और जनकल्याणकारी गतिविधियों से भी उन्हें अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में सामाजिक सेवा और जनकल्याण के कार्यों में सहयोग एवं मार्गदर्शन की अपेक्षा व्यक्त की।