नई दिल्ली। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के बीच सहयोग को लेकर नई दिल्ली में क्वाड देशों के शेरपाओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई। गुरुवार को आयोजित इस बैठक की मेजबानी विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने की। बैठक में चारों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में चल रही पहलों की प्रगति की समीक्षा की गई और भविष्य में सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक के दौरान क्वाड के सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इनमें समुद्री एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि और सुरक्षा तथा उभरती प्रौद्योगिकियां प्रमुख रूप से शामिल रहीं। बैठक का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ सदस्य देशों के साझा हितों को मजबूत करना रहा।
बैठक में ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रालय के रणनीतिक योजना विभाग के उप सचिव, जापान के विदेश मामलों के वरिष्ठ उप मंत्री हिरोयुकी नमाजू और अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर सहित वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि शेरपाओं ने क्वाड की मौजूदा पहलों में हुई प्रगति की समीक्षा की। इसके साथ ही सदस्य देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग को और प्रभावी बनाने के तरीकों पर भी चर्चा की गई। चारों देशों ने स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में समुद्री सुरक्षा को विशेष महत्व दिया गया। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन को लेकर क्वाड देशों के बीच लगातार सहयोग किया जा रहा है। इसके अलावा आर्थिक सुरक्षा और नई तकनीकों के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
क्वाड के शेरपाओं की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र वैश्विक रणनीतिक और आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। ऐसे में भारत समेत चारों सदस्य देश क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और नियम आधारित व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आपसी समन्वय बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।