नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में स्थित स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज के महात्मा गांधी सेंटर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां भारतीय अध्ययन (इंडोलॉजी) को लेकर विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों में दिखाई दे रहे उत्साह को करीब से महसूस किया। प्रधानमंत्री ने इस अनुभव को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने वाला बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि रविवार को ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में महात्मा गांधी सेंटर की यात्रा कई कारणों से बेहद दिलचस्प रही। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इंडोलॉजी का जीवंत वातावरण देखने को मिला। भारत के इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को जानने तथा उनके बारे में अध्ययन करने के प्रति लोगों में काफी उत्साह दिखाई दिया।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से महात्मा गांधी के जीवन और विचारों पर किए जा रहे अध्ययन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सेंटर में गांधीजी के जीवन पर काफी काम हुआ है। इससे यह स्पष्ट होता है कि उज्बेकिस्तान में महात्मा गांधी के विचारों और उनके व्यक्तित्व को लेकर गहरी रुचि मौजूद है।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि स्थानीय लोगों में तमिल संस्कृति के प्रति भी रुचि बढ़ रही है। उन्होंने इसे भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत के प्रति बढ़ते आकर्षण का संकेत बताया। यात्रा के दौरान छात्रों ने प्रधानमंत्री की लिखी कविताओं की कुछ पंक्तियां भी सुनाईं। छात्रों की इस प्रस्तुति ने मुलाकात को और विशेष बना दिया।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार से उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की चार दिवसीय यात्रा पर हैं। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शफकत मिर्जियोयेव के साथ दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
वार्ता में डिजिटल संपर्क, रक्षा सहयोग और ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत करने पर भी विशेष जोर रहने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री की इस यात्रा को भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।