देहरादून। उत्तराखंड की समृद्ध वन संपदा, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को केंद्र सरकार की ओर से लगातार वित्तीय सहयोग मिल रहा है। राष्ट्रीय प्राधिकरण CAMPA के तहत राज्य में वन संरक्षण और पर्यावरणीय पुनर्स्थापना से जुड़े कार्यों को गति देने के लिए पिछले तीन वर्षों में 945.69 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे पत्र में CAMPA के माध्यम से उत्तराखंड को मिले वित्तीय सहयोग और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी है। मुख्यमंत्री ने राज्य में वन एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों के लिए केंद्र से सहयोग का अनुरोध किया था।
केंद्रीय मंत्री के पत्र के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में 383.82 करोड़ रुपये, 2024-25 में 335.37 करोड़ रुपये और 2025-26 में 226.50 करोड़ रुपये की धनराशि के कार्यों को राष्ट्रीय प्राधिकरण CAMPA की ओर से अनुमोदित किया गया। इस तरह तीन वर्षों में कुल 945.69 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।
वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने 339 करोड़ रुपये का ऐनुअल प्लान ऑफ ऑपरेशन (APO) प्रस्तुत किया है। प्रतिपूरक वनीकरण निधि अधिनियम, 2016 और इसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार प्रस्तावों के परीक्षण एवं मूल्यांकन के बाद राष्ट्रीय प्राधिकरण ने अब तक 104.35 करोड़ रुपये की राशि मंजूर कर दी है।
APO 2026-27 में शामिल शेष कार्यों की स्वीकृति को लेकर राष्ट्रीय प्राधिकरण की कार्यकारी समिति की 40वीं बैठक में भी विचार किया गया है। इससे आने वाले समय में राज्य के वन क्षेत्रों में संरक्षण और संवर्धन से जुड़े कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद है।
CAMPA के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग वन संरक्षण, पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, जैव विविधता के संरक्षण और पर्यावरणीय पुनर्स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाता है। उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य के लिए यह सहयोग पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।