फिलिस्तीन में भारत ने फिर बढ़ाया मदद का हाथ, स्कूल में शुरू हुई नई सुविधा

  भारत ने फिलिस्तीन में अपनी आठवीं त्वरित प्रभाव परियोजना के तहत शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस परियोजना के माध्यम से जेरिको स्थित महिला चैरिटेबल सोसाइटी स्कूल में शैक्षणिक सुविधाओं का उन्नयन किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय विद्यार्थियों को बेहतर, आधुनिक और सुविधाजनक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है।

परियोजना के तहत स्कूल में नया कंप्यूटर कक्ष तैयार किया गया है। इसके अलावा कक्षाओं के लिए आवश्यक शैक्षणिक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को तकनीक आधारित शिक्षा हासिल करने में मदद मिलेगी और उनके सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने की उम्मीद है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) राजदूत श्रीप्रिया रंगनाथन ने जेरिको महिला चैरिटेबल सोसाइटी स्कूल में इस परियोजना का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान जेरिको और जॉर्डन घाटी के राज्यपाल डॉ. हुसैन हमायेल समेत स्थानीय अधिकारी मौजूद रहे।

उद्घाटन के बाद अधिकारियों ने स्कूल में स्थापित नए कंप्यूटर कक्ष और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान परियोजना के तहत उपलब्ध कराई गई सुविधाओं और उनके संभावित उपयोग की जानकारी भी ली गई।

स्थानीय जरूरतों पर केंद्रित भारत की पहल

भारत की त्वरित प्रभाव परियोजनाएं छोटे स्तर की ऐसी विकास योजनाओं को समर्थन देती हैं, जो स्थानीय समुदायों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाती हैं। इन परियोजनाओं का मकसद कम समय में समुदाय को सीधे लाभ पहुंचाना है।

फिलिस्तीन में भारत शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, तकनीक और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग कर रहा है। जेरिको के स्कूल में शुरू की गई यह परियोजना इसी सहयोग का हिस्सा है। कंप्यूटर और आधुनिक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने में मदद मिलेगी।

भारत की इस पहल को स्थानीय स्तर पर शिक्षा सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्कूल के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सीखने और अपने कौशल को विकसित करने के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। साथ ही, यह परियोजना भारत और फिलिस्तीन के बीच विकास सहयोग को भी मजबूती देने वाली पहल के रूप में देखी जा रही है।

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