चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव, नई टीम और 4 समितियों से बदलेगी रणनीति?

देहरादून। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को तेज करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव किया है। कांग्रेस अध्यक्ष की मंजूरी के बाद एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी आदेश के अनुसार नई प्रदेश कार्यकारिणी, पदाधिकारियों और चार महत्वपूर्ण समितियों का गठन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। संगठनात्मक बदलाव का उद्देश्य पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत बनाना और चुनावी रणनीति को धार देना बताया जा रहा है।

नई कार्यकारिणी में 41 वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा संगठन को मजबूत करने के लिए तीन उपाध्यक्ष, एक कोषाध्यक्ष, 36 महासचिव और 107 सचिव नियुक्त किए गए हैं। साथ ही घोषणापत्र समिति, अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति, एसआईआर समिति और चार्जशीट समिति का गठन भी किया गया है, जो आगामी चुनावों में पार्टी की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य,  प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह,  पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, डॉ. हरक सिंह रावत, भुवन चंद्र कापड़ी, गुरदीप सिंह सप्पल, काजी निजामुद्दीन, ममता राकेश, तिलकराज बेहड़, प्रदीप टम्टा, रणजीत रावत, संजीव आर्य सहित कई वरिष्ठ नेताओं को स्थान दिया गया है।

एआईसीसी ने गोदावरी थपलियाल को प्रदेश कांग्रेस का कोषाध्यक्ष बनाया है। वहीं हेमेश खरकवाल, विजय सारस्वत और सूर्यकांत धस्माना को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। महासचिव पद पर 36 नेताओं की नियुक्ति की गई है, जबकि विभिन्न जिलों, सामाजिक वर्गों और संगठनात्मक इकाइयों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हुए 107 नेताओं को सचिव बनाया गया है।

नई गठित समितियों में घोषणापत्र समिति की अध्यक्षता भुवन चंद्र कापड़ी करेंगे, जबकि अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति का नेतृत्व विक्रम सिंह नेगी को सौंपा गया है। एसआईआर समिति के अध्यक्ष मनोज रावत बनाए गए हैं। वहीं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा चार्जशीट समिति के अध्यक्ष होंगे। यह समिति राज्य सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों पर तथ्य आधारित दस्तावेज तैयार कर चुनावी अभियान को मजबूती देगी।

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि इस व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन से पार्टी को आगामी चुनावों में बेहतर समन्वय, मजबूत संगठन और प्रभावी चुनावी रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। नई टीम के गठन को चुनावी तैयारियों की दिशा में कांग्रेस का बड़ा कदम माना जा रहा है।

 

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