जम्मू। जम्मू-कश्मीर में पवित्र अमरनाथ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ लगातार जारी है। शुक्रवार को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 926 श्रद्धालुओं का एक नया जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना किया गया। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए हैं, जिससे श्रद्धालुओं की यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो सके।
पुलिस कंट्रोल रूम के अनुसार, यह यात्रा का 29वां जत्था है, जो तड़के 2:59 बजे 42 वाहनों के काफिले के साथ रवाना हुआ। इस जत्थे में 693 पुरुष, 178 महिलाएं, 34 साधु और 21 साध्वियां शामिल हैं। श्रद्धालुओं को विभिन्न श्रेणी के वाहनों के माध्यम से बालटाल मार्ग की ओर भेजा गया। गांदरबल जिले में यात्रा मार्ग पर ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद रहीं।
इसी दौरान बाबा बर्फानी के दर्शन कर लौटे श्रद्धालुओं का एक जत्था भी बालटाल बेस कैंप से जम्मू के लिए रवाना हुआ। इस 27वें वापसी जत्थे में 133 यात्री शामिल हैं, जिनमें 110 पुरुष, 21 महिलाएं और दो बच्चे हैं। इन्हें सात वाहनों के जरिए सुरक्षित जम्मू भेजा गया।
अमरनाथ यात्रा हिंदू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र तीर्थ यात्राओं में से एक मानी जाती है। यह यात्रा जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में समुद्र तल से लगभग 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा तक होती है। यहां प्राकृतिक रूप से बनने वाले बर्फ के शिवलिंग, जिसे श्रद्धालु बाबा बर्फानी के रूप में पूजते हैं, के दर्शन के लिए हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई है और 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक चलेगी। श्रद्धालु गुफा तक पहुंचने के लिए दो प्रमुख मार्गों का उपयोग करते हैं। बालटाल मार्ग अपेक्षाकृत छोटा लेकिन कठिन चढ़ाई वाला रास्ता है, जबकि पहलगाम मार्ग लंबा होने के बावजूद अधिक पारंपरिक और सुविधाजनक माना जाता है। प्रशासन का कहना है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।