एथनॉल विवाद के बीच 100-ऑक्टेन पेट्रोल की मांग क्यों हुई दोगुनी?

नई दिल्ली। पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण को लेकर हाल के दिनों में बढ़ी बहस और सोशल मीडिया पर वायरल दावों का असर अब ईंधन बाजार में भी दिखाई देने लगा है। एथनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहनों को संभावित नुकसान पहुंचने की आशंकाओं के बीच एथनॉल-मुक्त 100-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जुलाई के दौरान इसकी बिक्री दोगुनी से भी अधिक हो गई, हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय का मानना है कि यह बढ़ोतरी फिलहाल अस्थायी हो सकती है।

देश की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां इंडियन ऑयल (XP100), भारत पेट्रोलियम (Speed100) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (Power100) ब्रांड नाम से 100-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री करती हैं। यह ईंधन विशेष रूप से सुपरकार, लग्जरी कारों और हाई-परफॉर्मेंस सुपरबाइकों के लिए तैयार किया गया है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर फैली चिंताओं के कारण सामान्य उपभोक्ताओं के बीच भी इसकी मांग बढ़ी है।

जानकारी के अनुसार, इस बढ़ी हुई मांग का सबसे अधिक असर दिल्ली में देखा गया है। राजधानी में 100-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल की कीमत करीब 160 रुपये प्रति लीटर है, जबकि सामान्य ई20 मिश्रित पेट्रोल लगभग 102.12 रुपये प्रति लीटर में उपलब्ध है। यानी यह प्रीमियम ईंधन सामान्य पेट्रोल की तुलना में करीब 57 प्रतिशत महंगा है। वहीं XP95 जैसे प्रीमियम ई20 ग्रेड पेट्रोल की कीमत भी 111 से 112 रुपये प्रति लीटर के बीच है।

देशभर में 100-ऑक्टेन पेट्रोल की उपलब्धता अभी भी सीमित है। कुल पेट्रोल पंपों में से एक प्रतिशत से भी कम पंपों पर यह ईंधन मिलता है और इसकी बिक्री मुख्य रूप से बड़े शहरों तक सीमित है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ईंधन उच्च क्षमता वाले इंजनों के लिए विकसित किया गया है और सामान्य वाहनों को इससे कोई विशेष लाभ नहीं मिलता।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर फैली आशंकाएं कम होने के बाद 100-ऑक्टेन पेट्रोल की मांग सामान्य स्तर पर लौट सकती है। उनका मानना है कि इसकी ऊंची कीमत के कारण आम वाहन चालकों के लिए लंबे समय तक इसका उपयोग आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं है और इससे ईंधन खर्च काफी बढ़ सकता है।

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