ग्लासगो। राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय एथलेटिक्स को बड़ी सफलता मिली है। भारत के स्टार धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ वह राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बन गए हैं। गुलवीर ने 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकालकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
यह भारत के लिए कई मायनों में खास उपलब्धि रही। पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में यह देश का पहला राष्ट्रमंडल पदक है, जबकि पुरुष और महिला दोनों वर्गों को मिलाकर इस इवेंट में भारत ने पूरे 16 साल बाद पदक जीता है। इससे पहले दिल्ली में आयोजित 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय धाविका कविता राऊत ने महिला 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था।
दौड़ की शुरुआत में राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी गुलवीर सिंह ने संयमित रणनीति अपनाई और शीर्ष धावकों के साथ बने रहे। शुरुआती 4,000 मीटर तक वह तीसरे स्थान पर थे, लेकिन आधी दूरी पूरी होने तक छठे स्थान पर पहुंच गए। हालांकि उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अगले चरण में लगातार अपनी रफ्तार बढ़ाते हुए वापसी की। 6,000 और 7,000 मीटर तक वह पांचवें स्थान पर रहे, जबकि 8,000 मीटर के बाद फिर छठे स्थान पर पहुंच गए।
मुकाबले का सबसे रोमांचक पल अंतिम एक किलोमीटर में देखने को मिला। गुलवीर सिंह ने जबरदस्त स्प्रिंट लगाते हुए यह दूरी मात्र 2 मिनट 29.2 सेकंड में पूरी की और कई धावकों को पीछे छोड़ते हुए सीधे दूसरे स्थान पर पहुंच गए। उनकी इस तेज फिनिश ने उन्हें रजत पदक दिला दिया।
ऑस्ट्रेलिया के काइ रॉबिन्सन ने 27 मिनट 48.93 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि आइल ऑफ मैन के डेविड मुलार्की 27 मिनट 50.28 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहे। खास बात यह रही कि स्वर्ण और रजत के बीच केवल 0.85 सेकंड, जबकि रजत और कांस्य के बीच महज 0.50 सेकंड का अंतर रहा।
गुलवीर सिंह का यह प्रदर्शन भारतीय लंबी दूरी की दौड़ के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। उन्होंने न केवल राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का 16 वर्षों का इंतजार खत्म किया, बल्कि भविष्य के भारतीय धावकों के लिए भी नई प्रेरणा पेश की।