सैन्य AI के लिए अमेरिका और यूएई ने बनाया नया टास्क फोर्स, जानिए पूरा प्लान

टाम्पा (फ्लोरिडा)। वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती भूमिका को देखते हुए अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों ने सैन्य अभियानों में एआई तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पहली संयुक्त द्विपक्षीय टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की है। ‘टास्क फोर्स टैलन सिनैप्स’ नाम से गठित यह इकाई अगले कुछ सप्ताह में औपचारिक रूप से अपना काम शुरू करेगी।

अबू धाबी में स्थापित होने वाली इस संयुक्त टास्क फोर्स में अमेरिका और यूएई के करीब 20 विशेषज्ञ शामिल होंगे। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विश्लेषण, साइबर सुरक्षा और आधुनिक रक्षा तकनीकों के विशेषज्ञ शामिल रहेंगे। इस पहल का उद्देश्य नई एआई तकनीकों को तेजी से सैन्य अभियानों का हिस्सा बनाना और दोनों देशों की रक्षा क्षमता को आधुनिक तकनीक के अनुरूप मजबूत करना है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने इस पहल को क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूएई मिलकर ऐसे एआई समाधान विकसित करेंगे, जो सैन्य अभियानों को अधिक प्रभावी, तेज और सटीक बनाने में मदद करेंगे। उनका मानना है कि भविष्य के युद्ध और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है।

जानकारी के अनुसार, इस संयुक्त पहल की नींव पिछले वर्ष उस समय पड़ी थी, जब एडमिरल ब्रैड कूपर और यूएई के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शेख तहनून बिन जायद अल नहयान के बीच इस विषय पर चर्चा हुई थी। इसके बाद सेंटकॉम ने यूएई के रक्षा अधिकारियों और एआई उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों के साथ कई दौर की बैठकों के जरिए इस योजना को अंतिम रूप दिया।

नई टास्क फोर्स का प्रमुख उद्देश्य खुफिया तंत्र को एआई आधारित सहायता प्रदान करना, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा मजबूत करना और क्षेत्रीय सुरक्षा गतिविधियों की निगरानी के लिए उन्नत एआई अनुप्रयोग विकसित करना है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भविष्य में सैन्य तकनीक और सुरक्षा सहयोग के नए मानक स्थापित कर सकती है।

 

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