उत्तरकाशी में बारिश का कहर! यमुनोत्री पैदल मार्ग धंसा, गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे कई जगह बंद

उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने चारधाम यात्रा को एक बार फिर प्रभावित कर दिया है। उत्तरकाशी जिले में भारी वर्षा और भूस्खलन के चलते गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर बंद हो गए, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जगह-जगह मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर आने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पालीगाड़, सिलाई बैंड, जंगलचट्टी, दुर्बिल और बढ़िया के पास भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आने से सड़क बंद हो गई। सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग ने जेसीबी मशीनें मौके पर भेजकर मार्ग खोलने का अभियान शुरू कर दिया। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार सिलाई बैंड के पास लगातार पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं, जबकि पालीगाड़ क्षेत्र में दलदली स्थिति के कारण मार्ग को सुरक्षित रूप से खोलने में कठिनाई आ रही है। अन्य स्थानों पर यातायात आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है।

बारिश का सबसे अधिक असर यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर देखने को मिला। जानकीचट्टी स्थित राम मंदिर के पास नदी का जलस्तर बढ़ने से करीब 25 से 30 मीटर लंबा मार्ग 2 से 3 मीटर तक धंस गया, जिससे यह रास्ता यात्रियों के लिए पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। प्रशासन ने इस हिस्से को बंद कर दिया है और वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर मजदूरों को तैनात कर वैकल्पिक रास्ता बनाने का कार्य तेज कर दिया है।

वहीं, गंगोत्री हाईवे भी गंगानी, सूनगर और भटवाड़ी-चड़ैथी के पास भूस्खलन के कारण कई घंटों तक बंद रहा। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने कड़ी मशक्कत के बाद मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर अब भी मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है।

प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा से पहले सड़क मार्ग की ताजा जानकारी लेने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है। राहत एवं बचाव दल पूरी सतर्कता के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बनाए हुए हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.