उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सबसे ज्यादा असर गोरखपुर में देखने को मिला, जहां महज छह घंटे में करीब 110 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। तेज बारिश के कारण शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं और कई इलाकों में पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया। लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गोरखपुर के शाहपुर क्षेत्र में राप्ती कॉम्प्लेक्स के पास नाला टूटने से हालात और बिगड़ गए। ग्राउंड फ्लोर पर स्थित 200 से अधिक दुकानों में पानी भर गया, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। कई प्रमुख चौराहों पर तीन से चार फीट तक जलभराव होने से वाहन बीच रास्ते में फंस गए। वहीं सरयू नहर टूटने के कारण आसपास के कई बीघा कृषि क्षेत्र भी पानी में डूब गए, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश का असर लगातार बना हुआ है। बरेली, आगरा, लखीमपुर समेत करीब 15 शहरों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। शुक्रवार को वाराणसी, प्रयागराज और प्रतापगढ़ में भी तेज बारिश दर्ज की गई। प्रतापगढ़ में एसपी कार्यालय परिसर में पानी भर गया, जबकि वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण प्रसिद्ध ललिता घाट की गंगा आरती को सुरक्षित स्थान पर आयोजित करना पड़ा।
भारी बारिश का असर नदियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रयागराज के संगम पर गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। काशी में दशाश्वमेध घाट की कई सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं। वहीं बलिया और बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, जिससे 87 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, 31 शहरों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। लोगों को सतर्क रहने, जलभराव वाले इलाकों से बचने और बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।