चार राज्यों की वोटर लिस्ट से हटे 22 लाख नाम, सबसे बड़ा असर ओडिशा में

निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) अभियान के तीसरे चरण में चार राज्यों की मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर संशोधन किया है। आयोग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार मिजोरम, ओडिशा, मणिपुर और सिक्किम की मतदाता सूचियों से कुल 22 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद इन चारों राज्यों में कुल मतदाताओं की संख्या 3.68 करोड़ से घटकर 3.46 करोड़ रह गई है।

निर्वाचन आयोग के मुताबिक, सबसे अधिक प्रभाव ओडिशा में देखने को मिला, जहां अकेले 20.11 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। यह संख्या कुल हटाए गए नामों का बड़ा हिस्सा है। आयोग ने स्पष्ट किया कि हटाए गए नामों में मृत मतदाता, स्थायी रूप से अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुके मतदाता, डुप्लीकेट प्रविष्टियां और नियमों के अनुसार अपात्र पाए गए मतदाता शामिल हैं।

आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन और विश्वसनीय बनाना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। इसके तहत घर-घर सत्यापन, उपलब्ध अभिलेखों का मिलान और विभिन्न सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर मतदाता सूची का परीक्षण किया जा रहा है।

एसआईआर अभियान का तीसरा चरण 14 मई से शुरू किया गया था। इस दौरान संबंधित राज्यों में व्यापक स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया गया, जिसके बाद मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन किए गए। निर्वाचन आयोग का मानना है कि नियमित पुनरीक्षण से फर्जी, डुप्लीकेट और अपात्र नामों को हटाने में मदद मिलती है, जबकि पात्र नागरिकों के नाम सूची में सुनिश्चित किए जाते हैं।

आयोग ने यह भी कहा कि भविष्य में भी मतदाता सूची के नियमित पुनरीक्षण का कार्य जारी रहेगा, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे और प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का सही तरीके से उपयोग कर सके।

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