असहनीय सदमा: Jaspal Rana के निधन के चौथे दिन मां भी नहीं रहीं
Jaspal Rana Mother Passes Away : भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज जसपाल राणा के निधन के महज 4 दिन बाद उनकी मां श्यामा देवी राणा का भी 78 वर्ष की उम्र में दिल्ली में निधन हो गया। इकलौते बेटे की मौत के गहरे सदमे के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई थी...
चाणक्य मंत्र ब्यूरो।
देहरादून। भारतीय खेल जगत और विशेषकर निशानेबाजी के स्वर्णिम अध्याय रहे जसपाल राणा के असामयिक प्रस्थान का गम अभी कम भी नहीं हुआ था कि उनके परिवार पर एक और वज्रपात हुआ है। अपने इकलौते पुत्र की मृत्यु के गहरे अवसाद को न झेल पाने के कारण उनकी माता श्यामा देवी राणा ने भी 78 वर्ष की आयु में नई दिल्ली के एक सैन्य चिकित्सालय में अंतिम सांस ली। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, 12 जून को जब से जसपाल राणा का देहावसान हुआ था, तभी से उनकी वृद्ध माता की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई थी। पुत्र वियोग के इस असहनीय कष्ट ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया था, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया।
यह दुखद घटनाक्रम पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा के परिवार के लिए अत्यंत पीड़ादायक है, जिसने मात्र चार दिनों के भीतर अपने दो बेहद प्रिय सदस्यों को खो दिया। उल्लेखनीय है कि जसपाल राणा की बहन सुषमा राणा का विवाह देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र व नोएडा के विधायक पंकज सिंह से हुआ है। इस तरह राजनीतिक और खेल जगत से जुड़ा यह प्रतिष्ठित परिवार इस समय गहरे विलाप में डूबा हुआ है।
जसपाल राणा के निधन की पृष्ठभूमि भी बेहद भावुक करने वाली रही। जर्मनी से स्वदेश वापसी के दौरान हवाई जहाज में ही उनकी सेहत अचानक नासाज हो गई थी, जिसके बाद उन्हें चिकित्सालय ले जाया गया पर वे लौट न सके। उनकी अंतिम इच्छानुसार, 14 जून को काशी के पावन मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसके लिए उनके पार्थिव शरीर को विभिन्न मार्गों से देहरादून से वाराणसी ले जाया गया था। राष्ट्रीय और वैश्विक पटल पर 600 से अधिक मेडल जीतकर देश का मस्तक ऊंचा करने वाले और 1994 में जूनियर वर्ल्ड शूटिंग में विश्व कीर्तिमान रचने वाले इस महान खिलाड़ी का जाना खेल जगत की अपूरणीय क्षति है, और अब उनकी मां का साया उठ जाना इस त्रासदी को और अधिक मर्मस्पर्शी बना देता है।