शोक में डूबा खेल जगत: नहीं रहे भारत को पदक जीतना सिखाने वाले Jaspal Rana
निशानेबाजी का ‘सशक्त युग’ थमा: जसपाल राणा का 49 की उम्र में ली अंतिम सांसें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने X पर लिखा कि राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है. ..
नई दिल्ली/ देहरादून।
भारतीय खेल इतिहास के सबसे चमकदार सितारों में शुमार दिग्गज निशानेबाज और द्रोणाचार्य अवार्डी जसपाल राणा का शुक्रवार को दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। वह महज 49 वर्ष के थे। म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ (ISSF) वर्ल्ड कप में बतौर हाई परफॉर्मेंस कोच भारतीय दल के साथ शामिल राणा स्वदेश लौट रहे थे, तभी फ्लाइट में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पूरे खेल जगत ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
उत्तराखंड के गढ़वाल में 28 जून 1976 को जन्मे जसपाल राणा को निशानेबाजी विरासत में मिली थी। उनके पिता नारायण सिंह राणा, जो बाद में उत्तराखंड के खेल मंत्री भी बने, उनके पहले गुरु थे। महज 12 साल की उम्र में राष्ट्रीय पटल पर चमकने वाले राणा ने 1994 के हिरोशिमा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर देश में सनसनी फैला दी थी। उन्होंने अपने करियर में एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और विश्व चैंपियनशिप में ढेरों पदक जीतकर भारत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दी।
सक्रिय खेल से संन्यास लेने के बाद राणा ने बतौर कोच भारतीय शूटिंग की पूरी रूपरेखा बदल दी। मनु भाकर जैसी विश्वस्तरीय निशानेबाजों को तराशने का श्रेय उन्हीं को जाता है। उनका इस तरह अचानक चले जाना सिर्फ एक खिलाड़ी या कोच का जाना नहीं, बल्कि भारतीय शूटिंग के एक स्वर्णिम युग का अंत है। खेल इतिहास में उनका योगदान और उनकी विरासत हमेशा जीवंत रहेगी।
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शोक संदेश: देश के दिग्गजों ने जताया दुख
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“जसपाल राणा के निधन से गहरा दुख हुआ। उनका जाना भारतीय खेल
जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने शूटिंग में अपनी
असाधारण उपलब्धियों से देश का मान बढ़ाया। एक मेंटोर के तौर
पर भी युवा खिलाड़ियों को तराशने में उनका योगदान हमेशा
याद रखा जाएगा।”
— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
“एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और मशहूर कोच जसपाल राणा
के असामयिक निधन की खबर अत्यंत दुखद है। पेरिस ओलंपिक में
मनु भाकर की ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनकी अहम भूमिका थी।
ईश्वर उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे।”
— राजनाथ सिंह, केंद्रीय रक्षा मंत्री
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