Hema Negi Karasi समेत छह प्रतिभाओं को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
सुर-साधना का राष्ट्रीय सम्मान: सुप्रसिद्ध लोक गायिका एवं संस्कृति संरक्षक हेमा नेगी करासी को वर्ष 2024-25 के प्रतिष्ठित 'संगीत नाटक अकादमी के अंतर्गत 'उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार' से सम्मानित किए जाने की घोषणा ने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित कर दिया है…
देहरादून। उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक कला को राष्ट्रीय पटल पर एक बार फिर बड़ी पहचान मिली है। संगीत नाटक अकादमी ने वर्ष 2024 और 2025 के प्रतिष्ठित पुरस्कारों की घोषणा कर दी है, जिसमें देवभूमि की छह होनहार प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। नई दिल्ली में हुई अकादमी की सामान्य परिषद की बैठक में संस्कृति मंत्रालय ने इन नामों पर मुहर लगाई। इस सूची में सुप्रसिद्ध लोकगायिका हेमा नेगी करासी को लोक संगीत के लिए ‘संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार-2025′ से नवाजा जाएगा, जबकि राज्य के पांच अन्य उदीयमान कलाकारों को ‘उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार‘ के लिए चुना गया है।
यह सम्मान महज व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोक चेतना और शास्त्रीय कलाओं का राष्ट्रीय स्तर पर डंका है। पुरस्कार पाने वाले युवाओं में कथक के लिए नम्रता राय, परफॉर्मिंग आर्ट में समग्र योगदान के लिए हिमांशु दरमोड़ा और लोक संगीत के लिए निर्मल कुमार, मुकेश कुमार व अंजलि शामिल हैं। विशेष रूप से, दृष्टिबाधित होने के बावजूद संगीत साधना में लीन भाई–बहन निर्मल, मुकेश और अंजलि की त्रयी समाज के लिए प्रेरणापुंज बन गई है। वहीं, 27 वर्षों से लखनऊ घराने की कथक विधा को जी रहीं नम्रता राय युवाओं को शास्त्रीय नृत्य से जोड़ रही हैं, तो हिमांशु दरमोड़ा अपनी संस्था ‘कलाश्रय‘ के जरिए नई पीढ़ी को बड़ा मंच दे रहे हैं।
रुद्रप्रयाग की माटी से निकलीं हेमा नेगी करासी का चयन इस बात का प्रमाण है कि जड़ों से जुड़ी कला हमेशा अमर रहती है। पारंपरिक परिधानों में सजी हेमा ने 100 से अधिक गीतों, मांगल और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के जरिए उत्तराखंड के देवी–देवताओं के जागरों को सात समंदर पार पहुंचाया है। 40 वर्ष से कम आयु के युवाओं को कला के प्रति प्रेरित करने वाले इस पुरस्कार के तहत विजेताओं को ताम्रपत्र, प्रशस्ति पत्र और 50 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। निश्चित ही, यह गौरव क्षण उत्तराखंड की नई पीढ़ी को अपनी कला, भाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए नई ऊर्जा देगा।