नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव एवं सांसद जयराम रमेश ने लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते घटनाक्रम और लेबनान पर इजराइल के हमलों को लेकर अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है।
मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने बयान में जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताएं क्षेत्र में शांति बहाली के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनके अनुसार यदि दोनों देशों के बीच समझौता होता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य के सामान्य संचालन और वैश्विक तेल कीमतों में राहत मिलने की संभावना बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ भारत जैसे ऊर्जा आयातक देशों को मिलेगा।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी अंतिम चरण तक नहीं पहुंच पाई है। उन्होंने इसके लिए लेबनान में इजराइल की सैन्य गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया। जयराम रमेश का कहना है कि दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना के बढ़ते अभियान ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे कूटनीतिक प्रयास प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के कई देशों ने लेबनान में इजराइल की कार्रवाई पर चिंता जताई है, लेकिन भारत सरकार इस मुद्दे पर मौन बनी हुई है। जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत के राष्ट्रीय हितों से जुड़े इतने महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर सरकार को अपना स्पष्ट रुख सामने रखना चाहिए।
उधर, रिपोर्टों के अनुसार इजराइल ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपने अभियान को तेज किया है। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए जारी संवाद भी प्रभावित होने की खबरें हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हालिया बयानों में क्षेत्रीय तनाव कम करने और संघर्षविराम की आवश्यकता पर जोर दिया है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, अमेरिका-ईरान वार्ता और लेबनान में जारी संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब आने वाले दिनों के घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।