656 ड्रोन, 73 मिसाइलें: दहल उठा यूक्रेन, मची भारी तबाही
रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करते हुए कीव, डनिप्रो और खार्किव पर ड्रोन और मिसाइलें दागीं। इस भीषण हमले ने बिजली ग्रिडों को ठप कर दिया और रिहायशी इमारतों को तबाह कर बच्चों समेत कई नागरिकों की जान ले ली। यूरोपीय सुरक्षा को खतरे में बताते हुए, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से तुरंत 'पैट्रियट' एयर डिफेंस सिस्टम भेजने की गुहार लगाई है...
चाणक्य मंत्र डेस्क
रूस ने 656 ड्रोन और 73 मिसाइलों से यूक्रेन पर अब तक का सबसे भीषण हमला कर युद्ध को एक नए और खतरनाक मोड़ पर ला दिया है। राजधानी कीव से लेकर डनिप्रो और खार्किव तक हुए इस चौतरफा हमले ने न केवल भारी तबाही मचाई, बल्कि यूक्रेन के ऊर्जा संकट और नागरिक बुनियादी ढांचे को गंभीर रूप से पंगु बना दिया है। डनिप्रो में रिहायशी इमारतों के मलबे से निकलती लाशें और कीव की जलती इमारतें चीख-चीख कर तबाही की गवाही दे रही हैं, जिसमें बच्चों समेत कई बेगुनाहों की जान जा चुकी है।

राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इसे मॉस्को का ‘साफ संदेश’ बताते हुए वैश्विक समुदाय को आगाह किया है। यह हमला साबित करता है कि पुतिन पश्चिमी प्रतिबंधों और चेतावनियों को दरकिनार कर यूक्रेन को पूरी तरह घुटनों पर लाने पर आमादा हैं। जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि बिना मजबूत एंटी-बैलिस्टिक और ‘पैट्रियट’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम के यूक्रेन को बचाना नामुमकिन होगा। यह संकट अब सिर्फ यूक्रेन का नहीं, बल्कि पूरे यूरोपीय सुरक्षा तंत्र की नाकामी को दर्शाता है, जिसे टालने के लिए अब अमेरिकी और यूरोपीय साझेदारों को महज कूटनीति से आगे बढ़कर तुरंत सैन्य मदद भेजनी होगी, अन्यथा तबाही का यह दायरा और बढ़ेगा।