तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अपने इस्तीफे को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया है कि वह पद छोड़ने नहीं जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से देश और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में उनके इस्तीफे की खबरें चर्चा का विषय बनी हुई थीं, लेकिन राष्ट्रपति ने स्वयं सामने आकर इन सभी दावों को खारिज कर दिया।
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा कि वह पूरी तरह सक्रिय हैं और अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का नियमित रूप से निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के सामने मौजूद चुनौतियों का सामना करने के लिए उनकी सरकार प्रतिबद्ध है और वह अपने पद पर बने रहकर जनता की सेवा जारी रखेंगे। उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चल रही अटकलों पर काफी हद तक विराम लग गया है।
हाल के दिनों में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि राष्ट्रपति ने देश के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हालांकि राष्ट्रपति ने इन दावों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उनका ध्यान केवल देश की समस्याओं के समाधान और प्रशासनिक कार्यों पर केंद्रित है।
जनता को संबोधित करते हुए पेजेश्कियन ने सरकार की पारदर्शिता नीति पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों को छिपाने के बजाय नागरिकों के सामने वास्तविक स्थिति रख रही है। उनके अनुसार राष्ट्रीय संकटों और कठिनाइयों के बारे में जनता को सही जानकारी देना आवश्यक है, ताकि पूरे देश में एकजुटता और विश्वास का माहौल बना रहे।
उधर, पिछले कुछ महीनों से ईरान की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था में आंतरिक मतभेदों की खबरें भी सामने आती रही हैं। विशेष रूप से सुरक्षा संस्थाओं और राष्ट्रपति कार्यालय के बीच तनाव की चर्चाओं ने राजनीतिक माहौल को गर्म रखा है। कुछ रिपोर्टों में यह दावा भी किया गया कि प्रशासनिक निर्णयों और नीतिगत मामलों को लेकर मतभेद बढ़े हैं, जिससे कई महत्वपूर्ण फैसलों में देरी हुई है।
इन तमाम चर्चाओं और दबावों के बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने साफ कर दिया है कि वह अपने पद पर कायम रहेंगे और देश के विकास तथा स्थिरता के लिए कार्य करते रहेंगे। उनका यह बयान राजनीतिक स्थिरता का संदेश देने वाला माना जा रहा है।