नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर उभरे मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं को कड़ी नसीहत दी है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हार पर खुशी जताने वाले नेताओं की आलोचना करते हुए इसे “छोटी राजनीति” करार दिया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि कुछ कांग्रेसी और अन्य विपक्षी दल टीएमसी की हार का जश्न मना रहे हैं, जबकि उन्हें बड़े राजनीतिक परिदृश्य को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक पार्टी की हार-जीत का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर मामला है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने असम और पश्चिम बंगाल के जनादेश को लेकर भी सवाल उठाए और इसे “जनादेश की चोरी” बताया।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि विपक्षी दलों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होना चाहिए और लोकतंत्र की रक्षा के लिए मिलकर संघर्ष करना चाहिए। उनके इस बयान को विपक्षी एकता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 206 सीटों पर जीत हासिल की है, जिससे उसे दो-तिहाई से अधिक बहुमत मिला है। वहीं तृणमूल कांग्रेस 81 सीटों तक सिमट गई। कांग्रेस को केवल 2 सीटों पर जीत मिली, जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) को एक सीट से संतोष करना पड़ा।
इन नतीजों के बाद कांग्रेस के भीतर रणनीति और राजनीतिक दृष्टिकोण को लेकर बहस तेज हो गई है।