देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी Dehradun में सोमवार को आयोजित जनता दरबार में लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान देखने को मिला। जिलाधिकारी के निर्देश पर कलेक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा की अध्यक्षता में जनसुनवाई आयोजित की गई, जिसमें कुल 163 शिकायतें दर्ज की गईं।
इन शिकायतों में भूमि विवाद, अवैध कब्जा, अतिक्रमण, मारपीट, स्कूल फीस माफी, आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दे शामिल रहे। प्रशासन ने अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को भेजते हुए जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
देवपुरम कॉलोनी के निवासियों ने सीवर लाइन के निकासी मार्ग पर अवैध निर्माण से हो रही परेशानी और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या उठाई। इस पर तहसीलदार को तत्काल जांच के आदेश दिए गए। वहीं गीतांजली एन्क्लेव के लोगों ने अधूरे विकास कार्यों को लेकर शिकायत की, जिस पर संबंधित विभागों को जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए गए।
जनता दरबार में सामाजिक संवेदनशील मामलों पर भी गंभीरता दिखाई गई। भववंतपुर निवासी एक विधवा महिला ने अपनी बेटी की फीस माफी की मांग रखी, जिस पर अधिकारियों को सरकारी योजना के तहत मदद सुनिश्चित करने को कहा गया। इसी तरह गांधी रोड निवासी महिला ने भी आर्थिक संकट के चलते बेटियों की पढ़ाई के लिए सहायता मांगी।
वहीं Uttarakhand Cooperative Bank से जुड़े एक मामले में वित्तीय अनियमितता के आरोपों की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए। टिहरी बांध विस्थापितों से जुड़े मामलों और अतिक्रमण की शिकायतों पर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई।
घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों में भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एक बुजुर्ग महिला ने बेटे द्वारा धोखाधड़ी और बेदखली की शिकायत की, जिस पर भरण-पोषण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा ने कहा कि प्रशासन जनसमस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।