केरल के मुन्नार में 20 और 21 अप्रैल को भारत और भूटान के बीच आयोजित सातवीं संयुक्त सीमा शुल्क समूह (JCG) बैठक में दोनों देशों ने व्यापार को सुगम बनाने और सीमा प्रबंधन को मजबूत करने को लेकर महत्वपूर्ण सहमति जताई। इस उच्चस्तरीय बैठक में सीमा शुल्क सहयोग को और प्रभावी बनाने के साथ-साथ तस्करी रोकने और व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के सदस्य (सीमा शुल्क) योगेन्द्र गर्ग और भूटान के वित्त मंत्रालय के राजस्व एवं सीमा शुल्क विभाग के महानिदेशक सोनम जाम्तशो ने संयुक्त रूप से की।
बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण, पूर्व-आगमन डेटा साझा करने, और इलेक्ट्रॉनिक कार्गो ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से पारगमन माल की आवाजाही को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने पर विस्तृत चर्चा की। इसके अलावा, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान के जरिए तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने और सीमा पर समन्वित प्रबंधन को मजबूत करने पर भी सहमति बनी।
दोनों देशों ने सीमा अवसंरचना को बेहतर बनाने और व्यापारिक गतिविधियों को निर्बाध बनाने के लिए आवश्यक सुधारों पर भी विचार-विमर्श किया। इस दिशा में आधुनिक तकनीकों के उपयोग और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया गया, ताकि व्यापारियों को कम समय और लागत में अधिक सुविधा मिल सके।
बैठक के दौरान भूटान के प्रतिनिधिमंडल ने कोच्चि बंदरगाह का दौरा कर वहां की आयात-निर्यात प्रक्रियाओं, कंटेनर प्रबंधन और समुद्री सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी भी ली।
अंत में, भारत और भूटान दोनों ने द्विपक्षीय व्यापार को और बढ़ाने तथा सुरक्षित, प्रभावी और आधुनिक सीमा प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह बैठक दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।