जन्म शताब्दी पर सम्मान की मांग: क्या डॉ. नित्यानंद पर जारी होगा डाक टिकट?

देहरादून में सामाजिक सेवा और समर्पण के प्रतीक रहे डॉ. नित्यानंद के जन्म शताब्दी वर्ष पर उन्हें सम्मानित करने की मांग जोर पकड़ रही है। इस क्रम में डॉ. नरेश बंसल ने सदन में डॉ. नित्यानंद के सम्मान में डाक टिकट जारी करने का प्रस्ताव रखा।

डॉ. बंसल ने कहा कि डॉ. नित्यानंद का जीवन त्याग, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण रहा है। उन्होंने अपने कार्यों से समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

उन्होंने विशेष रूप से वर्ष 1991 में गढ़वाल भूकंप 1991 के बाद किए गए कार्यों का उल्लेख किया। इस आपदा के बाद डॉ. नित्यानंद ने मनेरी क्षेत्र को केंद्र बनाकर प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और बच्चों की शिक्षा के लिए व्यापक प्रयास किए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहयोग से लगभग 50 गांवों में राहत और पुनर्वास कार्य संचालित किए गए।

गौरतलब है कि वर्ष 1975 से आंशिक पक्षाघात से पीड़ित होने के बावजूद उन्होंने अपने सेवा कार्यों को नहीं रोका। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहकर समाज सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके प्रयासों से 400 से अधिक परिवारों को भूकंपरोधी मकान उपलब्ध कराए गए, जिससे अनेक लोगों का जीवन सुरक्षित हुआ।

डॉ. बंसल ने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलनी चाहिए। उनके नाम पर डाक टिकट जारी करना न केवल उनके कार्यों का सम्मान होगा, बल्कि समाज में सेवा और समर्पण की भावना को भी प्रोत्साहित करेगा।

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