Pithoragarh। उत्तराखंड के राज्यपाल Gurmit Singh ने पिथौरागढ़ स्थित सैन्य परिसर में आयोजित भूतपूर्व सैनिकों की रैली एवं सैनिक परिवारों के कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए पूर्व सैनिकों के योगदान को सराहा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। यह कार्यक्रम Indian Army की पंचशूल ब्रिगेड की 12 कुमाऊँ यूनिट द्वारा आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने जोरावर साइकिल रैली का झंडी दिखाकर समापन किया और रैली में भाग लेने वाले प्रतिभागियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित वेटरन्स और वीर नारियों को उनके साहस, त्याग और राष्ट्र सेवा के लिए सम्मानित किया।
पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सेना का प्रत्येक जवान एक स्वाभाविक नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण होता है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से आग्रह किया कि वे अपनी इसी नेतृत्व क्षमता का उपयोग समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए करें और युवाओं को प्रेरित करें।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में पिथौरागढ़ क्षेत्र में पर्यटन और स्वरोजगार की अपार संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक अनुशासन और संगठनात्मक क्षमता के बल पर पर्यटन, सुरक्षा सेवाओं और अन्य स्वरोजगार के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।
उन्होंने पिथौरागढ़ मिलिट्री स्टेशन की व्यवस्थाओं और अनुशासन की सराहना करते हुए इसे उत्तराखंड के सैन्य स्टेशनों में उत्कृष्ट बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, उनके परिवारजन और सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस आयोजन ने सैनिक समुदाय और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के साथ ही समाज में उनके योगदान को सम्मानित करने का अवसर प्रदान किया।