पंचांग के साथ परंपरा और राजनीति का संगम—क्या खास है धामी पर आधारित इस टेबल कैलेंडर में?

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक कार्यक्रम में पंचांग टेबल कैलेंडर  “उत्तराखंड की मिट्टी से–नायक से जन नायक पुष्कर सिंह धामी”  का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह कैलेंडर न केवल तिथियों और पर्वों की जानकारी देता है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं से लोगों को जोड़ने का भी माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलेंडर में तिथि, वार, पक्ष, मास और प्रमुख पर्व-त्योहारों के साथ-साथ व्रत और विशेष दिवसों की जानकारी भी शामिल की गई है, जिससे आमजन को भारतीय पंचांग और परंपरागत त्योहारों के बारे में विस्तृत जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक जीवनशैली के बीच पारंपरिक ज्ञान और संस्कृति को संरक्षित रखना आवश्यक है, और इस प्रकार के प्रकाशन लोगों को अपनी परंपराओं के प्रति जागरूक करने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कैलेंडर की संकल्पना तैयार करने वाले अपने मीडिया समन्वयक मदन मोहन सती के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द सिंह, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि दीप कोश्यारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कैलेंडर की विषयवस्तु और प्रस्तुति पर भी चर्चा की गई।

यह पंचांग कैलेंडर सांस्कृतिक जानकारी के साथ-साथ मुख्यमंत्री के जनसंपर्क और जननायक की छवि को दर्शाने का प्रयास भी माना जा रहा है।

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