ग्राम्य विकास योजनाओं की समीक्षा में सख्त हुए मंत्री गणेश जोशी, अधिकारियों को दिए अहम निर्देश

उत्तराखंड में ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की प्रगति को लेकर ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने गुरुवार को अपने कैंप कार्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया और योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से जुड़ी प्रमुख केंद्र पोषित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। इनमें बीवी जीरामजी योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना शामिल हैं।

मंत्री ने अधिकारियों से इन योजनाओं के तहत अब तक हुए कार्यों और लाभार्थियों की संख्या के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएं गांवों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

बैठक में राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें “मेरा गांव मेरी सड़क”, मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना और एकीकृत आजीविका सहायता परियोजना जैसी योजनाएं प्रमुख रूप से शामिल रहीं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाए, ताकि गांवों में बुनियादी सुविधाओं और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सके।

गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास करना है और इसके लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।

इस समीक्षा बैठक में अपर सचिव ग्राम्य विकास झरना कमठान, आयुक्त ग्राम्य विकास अनुराधा पाल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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