मिडिल ईस्ट तनाव के बीच अमेरिका ने रात में दागी ‘डूम्सडे’ मिसाइल, हिरोशिमा बम से 20 गुना ज्यादा ताकतवर
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिका ने मंगलवार रात एक शक्तिशाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का परीक्षण किया। अमेरिकी सेना के अनुसार यह परीक्षण कैलिफोर्निया तट के पास स्थित **Vandenberg Space Force Base** से रात करीब 11 बजे किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने **LGM-30G Minuteman III** नामक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की, जिसे अक्सर ‘डूम्सडे मिसाइल’ भी कहा जाता है। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और इसकी क्षमता द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान **Atomic bombing of Hiroshima** में गिराए गए परमाणु बम से लगभग 20 गुना अधिक बताई जाती है।
अमेरिकी वायुसेना और स्पेस फोर्स के अधिकारियों ने बताया कि यह एक **निहत्था परीक्षण (Unarmed Test Launch)** था। मिसाइल को “जीटी-254” के रूप में पहचाना गया और इसे केवल तकनीकी परीक्षण के उद्देश्य से लॉन्च किया गया था।
परीक्षण के दौरान मिसाइल ने हजारों किलोमीटर की दूरी तय की और अंततः पश्चिम-मध्य प्रशांत महासागर में स्थित **Marshall Islands** के पास अपने निर्धारित लक्ष्य क्षेत्र में जाकर गिरी।
अमेरिकी सेना के **Air Force Global Strike Command** के मुताबिक इस परीक्षण का मकसद मिसाइल प्रणाली की प्रभावशीलता, तत्परता और सटीकता को परखना था। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के परीक्षण अमेरिका की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता (Nuclear Deterrence) को मजबूत बनाए रखने के लिए नियमित रूप से किए जाते हैं।
हालांकि, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच इस परीक्षण ने वैश्विक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। कई रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में इतने शक्तिशाली मिसाइल परीक्षण से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक संतुलन को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं।
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह परीक्षण पहले से निर्धारित कार्यक्रम के तहत किया गया था और इसका किसी मौजूदा संघर्ष से सीधा संबंध नहीं है। इसके बावजूद दुनिया की निगाहें अब अमेरिका की सामरिक गतिविधियों और वैश्विक सुरक्षा स्थिति पर टिकी हुई हैं।