लालकुआं बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर आंदोलन ने अब नया मोड़ ले लिया है। **वन अधिकार समिति** ने आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए 50 सदस्यों की एक विशेष समिति का गठन किया है, जो रणनीतिक रूप से अभियान को आगे बढ़ाएगी।
चाइल्ड सैक्रेड पब्लिक स्कूल परिसर में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए करीब 15 हजार टी-शर्ट और टोपियां तैयार करवाई जाएंगी। इन पर ‘बिंदुखत्ता मांगे राजस्व ग्राम’ का नारा अंकित होगा और इन्हें स्थानीय लोगों के बीच वितरित किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र की हर गली और मोहल्ले में बैनर व पोस्टर लगाकर जनसमर्थन जुटाया जाएगा।
समिति ने स्पष्ट किया कि इन सभी गतिविधियों के लिए आवश्यक बजट स्थानीय स्तर पर ही एकत्र किया जाएगा। आंदोलन को डिजिटल मंच पर भी ले जाने की तैयारी है। स्थानीय ब्लॉगर्स को वनाधिकार कानून और बिंदुखत्ता के ऐतिहासिक अभिलेखों की जानकारी देकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि यह मुद्दा व्यापक स्तर पर उठ सके।
समिति का कहना है कि अब यह आंदोलन केवल धरना-प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर घर और हर गली तक पहुंचेगा। होली के बाद क्षेत्र में दीवार लेखन और पेंटिंग का अभियान भी शुरू किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए समिति अध्यक्ष **अर्जुन नाथ गोस्वामी** ने कहा कि यह संघर्ष बिंदुखत्ता के निवासियों के मूल अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से एकजुट होकर इस मांग को मजबूती देने का आह्वान किया।
बैठक में सचिन भुवन भट्ट, बसंत पांडे, कैप्टन प्रताप सिंह बिष्ट सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।