लालकुआं। विधानसभा क्षेत्र में अवैध शराब और मादक पदार्थों के बढ़ते कारोबार को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। क्षेत्रीय जन समस्या निवारण संघर्ष समिति के नेतृत्व में सोमवार को बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि कोतवाली पहुंचे और प्रभारी निरीक्षक को ज्ञापन सौंपकर सात दिन के भीतर ठोस कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि बिंदुखत्ता, हल्दुचौड़, मोटाहल्दू, बेरीपड़ाव, गौला गेट और देवरामपुर समेत कई इलाकों में स्मैक, चरस, गांजा और अवैध शराब का कारोबार संगठित रूप से चल रहा है। समिति के संयोजक पियूष जोशी ने कहा कि नशे के इस जाल में युवाओं, छात्रों और बेरोजगारों को फंसाया जा रहा है, जिससे उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चोरी, झपटमारी और घरेलू हिंसा जैसी आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी भी नशे के प्रसार से जुड़ी हुई है। समिति का आरोप है कि अब तक की गई छिटपुट कार्रवाई से कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। मुख्य सरगनाओं और आपूर्ति तंत्र पर कड़ी कानूनी कार्रवाई किए बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सात दिन के भीतर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो वे व्यापक जनआंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। इस दौरान सचिन फुलारा, क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेंद्र तिवारी, पूर्व प्रधान हरेंद्र असगोला, कमल जोशी मुनि, हेमवती नंदन दुर्गापाल, योगेश कपिल, विशाल झा, अधिवक्ता भानु कबड़वाल, छात्रसंघ सचिव खजान चंद्र आर्य, प्रवीण शर्मा और पूर्व प्रधान भास्कर भट्ट सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से अपील की कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए सख्त अभियान चलाया जाए और संगठित गिरोहों पर निर्णायक कार्रवाई की जाए।