देहरादून। उत्तराखंड में सहकारिता के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश के सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत 17 और 18 फरवरी को गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे गांधीनगर में आयोजित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की उच्च स्तरीय बैठक में भाग लेंगे। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री **अमित शाह** करेंगे।
गांधीनगर स्थित **महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर** में आयोजित इस बैठक में ‘सहकार से समृद्धि’ विषय पर व्यापक चर्चा होगी। डॉ. रावत इस मंच पर उत्तराखंड सरकार की सहकारिता योजनाओं, नवाचारों और भविष्य के रोडमैप को प्रस्तुत करेंगे। वे राज्य में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने, डेयरी और बहुउद्देश्यीय समितियों के विस्तार तथा सहकारी बैंकों को सुदृढ़ बनाने से जुड़े सुझाव भी साझा करेंगे।
डॉ. रावत ने बताया कि सम्मेलन में देशभर में दो लाख नई बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों, डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों के गठन पर विचार-विमर्श होगा। इसके साथ ही आधुनिक वेयरहाउस नेटवर्क की स्थापना, राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं में राज्यों की भागीदारी बढ़ाने, प्राथमिक समितियों के कंप्यूटरीकरण और राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस के प्रभावी उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।
उच्च स्तरीय बैठक में दाल और मक्का उत्पादन को प्रोत्साहन, सहकारी बैंकों की चुनौतियों के समाधान, साझा सेवा इकाइयों और अम्ब्रेला संरचनाओं की मजबूती पर भी मंथन होगा। साथ ही राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की जाएगी।
अपने दौरे के दौरान डॉ. रावत गुजरात के विभिन्न प्रमुख सहकारी संस्थानों का निरीक्षण करेंगे और वहां की कार्यप्रणाली का अध्ययन करेंगे। माना जा रहा है कि इस अनुभव के आधार पर उत्तराखंड में सहकारिता मॉडल को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।