शिक्षा नगरी रुड़की पर सवाल: सड़क किनारे खुलेआम चल रहा देह व्यापार

रुड़की। शिक्षा नगरी के रूप में पहचानी जाने वाली रुड़की में इन दिनों एक गंभीर सामाजिक समस्या तेजी से पैर पसारती नजर आ रही है। रोडवेज बस स्टैंड और रुड़की टॉकीज के बीच के मार्ग पर खुलेआम देह व्यापार का धंधा संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मार्ग पर अक्सर आधा दर्जन से अधिक महिलाएं ग्राहकों का इंतजार करती दिखाई देती हैं, जिससे नगर की छवि पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ये महिलाएं न केवल सड़क किनारे खड़ी होकर इंतजार करती हैं, बल्कि राह चलते लोगों को आवाज देकर बुलाती भी हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक यह स्थिति बनी रहती है। इससे न सिर्फ राहगीरों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है, बल्कि सभ्य और शिक्षित समाज के लिए भी यह चिंता का विषय बन गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इन महिलाओं की वेशभूषा और रहन-सहन से यह स्पष्ट होता है कि वे अधिकांशतः ग्रामीण अंचलों से आई हैं और आर्थिक तंगी व बेरोजगारी के कारण इस रास्ते को अपनाने को मजबूर हुई हैं। बड़े शहरों के महंगे होटलों में संगठित रूप से चलने वाले इस धंधे की तुलना में रुड़की में सड़क किनारे खड़ी ये महिलाएं कहीं अधिक असुरक्षित और लाचार स्थिति में नजर आती हैं।

पूर्व में भी इस विषय को लेकर स्थानीय समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं। उन रिपोर्टों पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने कुछ समय के लिए कार्रवाई भी की थी, जिससे इस गतिविधि पर अस्थायी रूप से रोक लगी। हालांकि, कुछ दिनों के अंतराल के बाद यह धंधा फिर से उसी तरह शुरू हो गया। इसी तरह की स्थिति पहले हरिद्वार के रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास भी देखी जाती रही है।

राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य रश्मि चौधरी का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में भी आया है। उन्होंने कहा कि यदि ये महिलाएं वास्तव में गरीबी और लाचारी के कारण इस स्थिति में हैं, तो उनके पुनर्वास और संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उनके लिए रैन बसेरे, सुरक्षित स्थान और आजीविका से जुड़ी योजनाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है।

वहीं, नगर निगम क्षेत्र के नागरिकों का मानना है कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत इन महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। रुड़की, जिसे शिक्षित और सभ्य समाज की पहचान के रूप में जाना जाता है, वहां इस तरह की खुली गतिविधियां पूरे शहर के लिए शर्मिंदगी का कारण बन रही हैं और प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की जा रही है।

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