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150 साल पुरानी परंपरा: यमकेश्वर का गिंदी मेला बना आस्था और संस्कृति का संगम

यमकेश्वर। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर यमकेश्वर क्षेत्र के थलनदी में आयोजित **राजकीय अजमेर–उदयपुर गिंदी मेला** गुरुवार को हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। संक्रांति के दूसरे दिन आयोजित इस पारंपरिक मेले में भाजपा वरिष्ठ नेता एवं **श्री बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी** बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदा के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। पूरे क्षेत्र में उत्सव और उल्लास का माहौल देखने को मिला। मेले में स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ जनप्रतिनिधि, भाजपा संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता तथा हजारों की संख्या में श्रद्धालु और दर्शक उपस्थित रहे। गिंदी मेला समिति की ओर से बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का फूलमालाओं से स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।

इससे पूर्व भी हेमंत द्विवेदी बौंठा, डाडामंडी (दुगड्डा) और त्योड़ो गाड़ (यमकेश्वर) में आयोजित पारंपरिक गिंदी मेलों में शामिल होकर आयोजकों और स्थानीय लोगों का उत्साहवर्धन कर चुके हैं।

अपने संबोधन में बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि थलनदी गिंदी मेला यमकेश्वर क्षेत्र की प्राचीन लोक संस्कृति और परंपराओं की पहचान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शीतकालीन पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ऐसे पारंपरिक आयोजनों को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने बताया कि लगभग डेढ़ सौ वर्षों से आयोजित यह मेला केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भाईचारे, सहयोग और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

इस अवसर पर गिंदी मेला समिति अध्यक्ष सुबोध नेगी, सचिव रविंद्र बिष्ट, भाजपा प्रदेश सचिव मीरा रतूड़ी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

 

 

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