गणतंत्र दिवस से पहले सीमा पर सस्पेंस: बांग्लादेश से आया विशाल बैलून

सिलचर। गणतंत्र दिवस से ठीक एक पखवाड़े पहले असम के कछार जिले में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बांग्लादेश सीमा की ओर से एक रहस्यमयी विशाल सफेद बैलून भारतीय क्षेत्र में आकर गिर पड़ा। इस बैलून पर एक इंसानी चेहरे की बड़ी तस्वीर छपी हुई थी, जिसे देखकर स्थानीय लोग दहशत में आ गए। मामला देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा है या महज संयोग—यह फिलहाल जांच का विषय बना हुआ है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 9 बजे माशिंपुर मार्केट इलाके में हुई। आसमान से अचानक गिरते इस बड़े बैलून को देखकर लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया। कछार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पार्थ प्रतिम दास स्वयं अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में एएसपी स्तर के अधिकारियों ने इसे तत्काल किसी बड़ी साजिश से जोड़ने से इनकार किया है। जांच में सामने आया है कि यह बैलून बांग्लादेश के सिलहट क्षेत्र स्थित एक स्कूल की 65वीं वर्षगांठ के अवसर पर छोड़ा गया था। हवा के तेज बहाव के कारण यह सीमा पार कर भारत में आ गया। बैलून पर स्कूल के संस्थापक या किसी प्रमुख व्यक्ति की तस्वीर छपी हुई थी। जांच के दौरान इसमें कोई विस्फोटक सामग्री, कैमरा या संदिग्ध उपकरण नहीं पाए गए।

हालांकि, इस घटना ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देश से इतनी आसानी से इस तरह का विशाल बैलून भारतीय सीमा में कैसे प्रवेश कर गया? क्या यह सुरक्षा व्यवस्था में चूक का संकेत है? हाल के दिनों में बांग्लादेश में जारी राजनीतिक उथल-पुथल और अल्पसंख्यकों पर हमलों के बीच इस तरह की घटना ने आशंकाओं को और बढ़ा दिया है। कुछ लोग इसे चीन के “स्पाई बैलून” जैसे मामलों से जोड़कर देख रहे हैं।

रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि इस घटना को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हर पहलू की गहन जांच जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.