After Header-1

वरिष्ठ समाजसेवी शौकत हसन नहीं रहे, राजनीतिक-सामाजिक जगत में शोक की लहर

रुड़की/सहारनपुर। विश्व प्रसिद्ध शायर और उत्तराखंड उर्दू अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष अफ़जल मंगलौरी के ससुर, वरिष्ठ समाजसेवी शौकत हसन का सहारनपुर में निधन हो गया। वे लंबे समय से हृदय रोग से पीड़ित थे और बीते डेढ़ वर्ष से उनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा था। वे उत्तर प्रदेश रोडवेज से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे और सहारनपुर की वर्धमान कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहते थे।

परिजनों के अनुसार, शौकत हसन की तबीयत 25 दिसंबर को अचानक अधिक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें टिहरी गढ़वाल के विधायक किशोर उपाध्याय के सहयोग से देहरादून स्थित महंत हृदयेश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन से परिवार ही नहीं, बल्कि सामाजिक, साहित्यिक और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

मरहूम की नमाजे जनाजा इस्लामिया इंटर कॉलेज, सहारनपुर के मैदान में अदा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में धर्मगुरु, समाजसेवी, राजनीतिक प्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल हुए। नमाज-ए-जनाजा मुजफ्फरनगर के हाफिज मोहम्मद शारिक कासमी ने पढ़ाई। इसके बाद उन्हें अंबाला रोड स्थित डबरी वाला कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

शौकत हसन के निधन पर अनेक राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। शोक व्यक्त करने वालों में सांसद काजी इमरान मसूद, विधायक किशोर उपाध्याय, विधायक काजी निजामुद्दीन, कांग्रेस नेता सचिन गुप्ता, भाजपा नेता इंजीनियर चैरब जैन, पूर्व मंत्री साहब सिंह सैनी, पूर्व विधायक संजय गर्ग, पूर्व मेयर गौरव गोयल, एआईएमआईएम प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नैयर काजमी, सामाजिक कार्यकर्ता रश्मि चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग शामिल रहे।

परिजनों और शुभचिंतकों ने मरहूम की आत्मा की शांति के लिए दुआ की और उनके निधन को समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.