मामला कोरोनर्स एक्ट 2010 के तहत जांच के दायरे में
गुवाहाटी। असम के लोकप्रिय गायक और सांस्कृतिक प्रतीक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में सिंगापुर पुलिस फोर्स (SPF) ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि चल रही जांच में अब तक किसी प्रकार की साजिश (foul play) का कोई संदेह नहीं है। यह बयान भारतीय मीडिया में हत्या के आरोपों वाली खबरों के बाद जारी किया गया, जिसमें असम पुलिस की विशेष जांच दल (SIT) ने चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए चार्जशीट दाखिल की है।
SPF के अनुसार, “हमारी जांच अब तक के आधार पर जुबीन गर्ग की मौत में किसी साजिश का संदेह नहीं है। मामला सिंगापुर कोरोनर्स एक्ट 2010 के तहत जांच के दायरे में है।” जांच पूरी होने के बाद निष्कर्ष स्टेट कोरोनर को सौंपे जाएंगे, जहां जनवरी-फरवरी 2026 में कोरोनर इंक्वायरी (CI) आयोजित की जाएगी। यह इंक्वायरी मौत के कारण और परिस्थितियों की तथ्य-आधारित जांच होगी, जिसके निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएंगे।
गौरतलब है कि 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में नॉर्थईस्ट इंडिया फेस्टिवल में परफॉर्म करने गए जुबीन गर्ग की समुद्र में तैराकी के दौरान मौत हो गई थी। सिंगापुर पुलिस ने शुरुआती जांच में डूबने को मौत का कारण बताया और साजिश से इनकार किया।
वहीं, असम पुलिस की SIT ने मामले को हत्या मानते हुए फेस्टिवल आयोजक श्यामकानु महंत, जुबीन के सचिव सिद्धार्थ शर्मा सहित चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। SIT की चार्जशीट में साजिश और लापरवाही के गंभीर आरोप शामिल हैं। गुवाहाटी की सीजेएम अदालत में इस मामले की पहली तारीख हो चुकी है। अगली तारीख 22 दिसंबर की है।
यह मामला भारत और सिंगापुर की जांच एजेंसियों के बीच मतभेद को रेखांकित करता है। अंतिम सत्य कोरोनर इंक्वायरी के बाद ही स्पष्ट होगा, जिसकी उम्मीद जनवरी-फरवरी 2026 तक पूरी होने की है।