कफ सीरप के अवैध कारोबार से जुड़े 1000 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को झारखंड, उत्तर प्रदेश और गुजरात के कई शहरों में एक साथ बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीमों ने कुल 25 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें रांची के तुपुदाना स्थित शैली ट्रेडर्स भी शामिल है, जहां सुबह से तलाशी जारी है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, लखनऊ, बनारस, जौनपुर, सहारनपुर, अहमदाबाद और रांची समेत कई शहरों में कफ सीरप के अवैध व्यापार से जुड़े कारोबारियों और नेटवर्क संचालकों के यहां कार्रवाई की जा रही है। जांच के दायरे में चार्टर्ड अकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल सहित कई अन्य कारोबारी भी शामिल हैं, जिन पर अवैध कमाई को वैध दिखाने का आरोप है।
रांची में तुपुदाना औद्योगिक क्षेत्र स्थित शैली ट्रेडर्स के संचालक भोला प्रसाद का प्रतिष्ठान और उनके आवास पर ईडी की टीम छानबीन कर रही है। भोला प्रसाद, बनारस पुलिस में दर्ज प्राथमिकी में आरोपी हैं और इस मामले के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के रिश्तेदार बताए जाते हैं। शैली ट्रेडर्स का यह परिसर भोला प्रसाद ने भिलाई केमिकल के संचालक जगन्नाथ साहू से किराए पर लिया हुआ है। कुछ दिन पहले बनारस पुलिस ने भी यहां छापेमारी की थी, हालांकि कफ सीरप की बरामदगी किसी अन्य स्थान से हुई थी।
इस मामले में तुपुदाना ओपी में औषधि नियंत्रक शैल अंबष्ट के बयान पर एक दिन पहले ही भोला प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं, भोला प्रसाद ने भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने औषधि विभाग के अधिकारियों पर 20 लाख रुपये रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है।
ईडी की यह व्यापक कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जारी जांच का हिस्सा है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जानलेवा कफ सीरप की खरीद-बिक्री से हुई कमाई को कैसे विभिन्न माध्यमों से वैध दिखाया गया।