संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार को शुरू होते ही राजनीतिक गर्माहट अपने चरम पर दिखी। लोकसभा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही। सत्र की शुरुआत में पूर्व सांसद कर्नल सोना राम चौधरी, विजय कुमार मल्होत्रा, रवि नाइक, धर्मेंद्र और श्रीप्रकाश जायसवाल के निधन पर सदन ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
शोक प्रस्ताव के बाद जैसे ही नियमित कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों के सांसद एसआईआर के मुद्दे को लेकर अध्यक्षीय आसन के समीप पहुँच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बार-बार आग्रह किया कि सदन संवाद और चर्चा का मंच है, इसलिए कार्यवाही शांतिपूर्ण तरीके से चलने दी जानी चाहिए। लेकिन उनकी अपील का विपक्षी सांसदों पर कोई असर नहीं हुआ और हंगामा बढ़ता ही गया।
लगातार शोर-शराबे और अव्यवस्था के चलते अध्यक्ष को पहली बार कार्यवाही शुरू होने के लगभग 20 मिनट बाद ही सदन को 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन विपक्ष का विरोध जारी रहा और सांसद एसआईआर को लेकर अपना रुख दोहराते रहे। बढ़ते हंगामे को देखते हुए अध्यक्ष ने एक बार फिर मजबूर होकर कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी।
उधर, लोकसभा में हंगामे के विपरीत राज्यसभा की कार्यवाही फिलहाल सामान्य रूप से चलती रही।