मणिपुर: भारत-म्यांमार सीमा पर कुकी उग्रवादियों का बड़ा हमला, असम राइफल्स के 4 जवान घायल, एक की हालत गंभीर
हमले में इंसास और एके राइफलों का इस्तेमाल, म्यांमार के उग्रवादियों पर भी संदेह
सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
इम्फाल। मिजोरम में ईडी के छापों के कुछ घंटों बाद ही म्यांमार आधारित उग्रवादी संगठन फिर सक्रिय हो गये हैं। इस बार इन्होंने भारत-म्यांमार सीमा पर स्थित मणिपुर के सैबोल क्रॉसिंग पॉइंट (बॉर्डर पिलर 87) को चुना। शुक्रवार को तड़के तकरीबन 4:30 बजे असम राइफल्स की चौकी पर सुनियोजित हमला कर दिया। एक घंटे तक चली भारी गोलीबारी और ग्रेनेड हमलों में असम राइफल्स के चार जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। उनहें सुबह 6 बजे सेना के दो ALH ध्रुव हेलिकॉप्टरों के जरिये एयरलिफ्ट कर इम्फाल के सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
प्रारंभिक जांच में कुकी उग्रवादी संगठन यूकेएनए और म्यांमार आधारित कुछ गुटों पर संदेह है। बीएसएफ की एक अतिरिक्त बटालियन तथा सर्विलांस ड्रोन तैनात किए हैं।
घायल जवानों की स्थिति:
– नायक रवि कुमार – गोली लगी, हालत गंभीर, ICU में
– हवलदार मनोज शर्मा – ग्रेनेड विस्फोट से चोट, ऑपरेशन सफल, अभी ICU में
– नायक अजय सिंह – शार्पनेल इंजरी, स्थिर, जनरल वार्ड
– लांस नायक प्रेम कुमार – गोली लगी, स्थिर, जनरल वार्ड।
मिली जानकारी के अनुसार उग्रवादियों ने भोर में लगभग 04:30 बजे झुरमुट का फायदा उठाते हुए अचानक फायरिंग शुरू कर दी। पांच मिनट के भीतर असम राइफल्स के जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया, हमलावरों को भारी नुकसान पहुंचाया।
सुबह- 04:45 बजे: ग्रेनेड फेंके गए, चार जवान घायल।
– 06:00 बजे: हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट
– 07:00 बजे से: इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू
सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई
– तीन अतिरिक्त कॉलम रिइन्फोर्समेंट के रूप में पहुंचे
– 150 से अधिक जवान, डॉग स्क्वॉड और ड्रोन की मदद से सर्च ऑपरेशन
– शाम 3:30 बजे तक ड्रोन से हमलावरों के मूवमेंट का पता चला
– दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया
हमारे सूत्रों के अनुसार हमलावर म्यांमार की ओर भाग निकले हैं। इस हमले में AK सीरीज और इंसास राइफलों के अलावा ग्रेनेड लॉन्चर और आईईडी का इस्तेमाल किया गया।
– सैबोल और आसपास के गांवों में कर्फ्यू जैसी स्थिति
– टेंग्नोउपाल पाल व चुराचांदपुर हाई अलर्ट पर
– सीमा पर ड्रोन और थर्मल इमेजिंग से 24 घंटे निगरानी
कुकी और मेइतेई दोनों समुदायों ने हमले की कड़ी निंदा की है।सीमा पर स्थायी बाड़बंदी व सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
सुरक्षा बलों ने इलाके को पूरी तरह घेर लिया है और हमलावरों को जल्द पकड़ने का दावा किया है। घटना ने एक बार फिर म्यांमार सीमा से घुसपैठ और मणिपुर में बढ़ती उग्रवादी गतिविधियों की गंभीर चुनौती को उजागर किया है।