बदरीनाथ धाम के कपाट कल बंद—जानें पंचपूजा की अनोखी परंपराएँ

श्री बदरीनाथ धाम। बदरीनाथ धाम में आगामी शीतकालीन अवधि के लिए कपाट बंद होने की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। पंचपूजा परंपरा के तहत 21 नवंबर से शुरू हुई विशेष पूजा-अर्चना का आज चौथा दिन रहा, जिसमें माता लक्ष्मी को कढ़ाई भोग लगाकर उन्हें श्री बदरीनाथ मंदिर में औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया। यह अनुष्ठान कपाट बंद होने से पहले की महत्वपूर्ण रस्मों में से एक माना जाता है।

धाम में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुँचे श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मंदिर को विशेष तौर पर 12 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा है। दानदाताओं के सहयोग से की जा रही यह भव्य सजावट कपाट बंद कार्यक्रम से पहले पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

कपाट बंद होने के अवसर पर विशिष्ट अतिथियों का आगमन जारी है। इसी क्रम में भाजपा प्रदेश संगठन मंत्री अजेय कुमार ने भी आज भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

माता लक्ष्मी मंदिर में संपन्न आमंत्रण पूजा में रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, प्रभारी धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, तथा वेदपाठी रविंद्र भट्ट एवं अमित बंदोलिया सहित अनेक पुजारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, विजय कप्रवाण, कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, सदस्य महेंद्र शर्मा, देवीप्रसाद देवली, धीरज मोनू पंचभैया, प्रह्लाद पुष्पवान, दिनेश डोभाल, राजेंद्र प्रसाद डिमरी, नीलम पुरी, डिमरी पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, प्रशासक कुलदीप भट्ट, मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ तथा कई अन्य श्रद्धालु व अधिकारी मौजूद रहे।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि कल 25 नवंबर दोपहर 2:56 बजे श्री बदरीनाथ धाम के कपाट विधिवत रूप से शीतकाल हेतु बंद कर दिए जाएंगे। इसके अगले दिन, 26 नवंबर को देवडोलिया पांडुकेश्वर के लिए प्रस्थान करेगी

Leave A Reply

Your email address will not be published.