गुवाहाटी में जरूरतमंदों को रोजाना 101 पौष्टिक भोजन बांटने वाली यह पहल अब वार्षिक 50,000 भोजन वितरित करेगी
सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
गवाहाटी।असम रॉयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (आरजीयू) ने बुधवार को अपनी प्रमुख सामुदायिक सेवा पहल “रॉयल अन्न सेवा” के 5 सफल वर्ष पूरे होने पर भव्य समारोह आयोजित किया। यह पहल आरजीयू के संस्थापक और चांसलर डॉ. एके पंसारी की दूरदर्शी समाजसेवी सोच का प्रतीक है, जो शिक्षा को मानवीय करुणा और सामाजिक प्रभाव से जोड़ती है।
आयोजन के मुख्य अतिथि और असम के मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा, आईएएस ने इस पहल के नये चरण का शुभारंभ किया।
2020 में शुरू हुई यात्रा: 2 लाख से अधिक मुफ्त भोजन
रॉयल अन्न सेवा की शुरुआत 12 नवंबर 2020 को उस समय के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने की थी। तब से यह पहल गुवाहाटी शहर में हर दिन 101 पौष्टिक भोजन वितरित कर रही है, जो गरीब, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाए जाते हैं। पांच वर्षों में इसने 2 लाख से अधिक मुफ्त भोजन बांटकर हजारों जीवन को पोषण और उम्मीद प्रदान की है।
नया चरण: अब हर साल 50,000 भोजन
समारोह में डॉ. रवि कोटा ने नये चरण की घोषणा की, जिसमें प्रतिवर्ष 50,000 भोजन वितरित किए जायेंगे। यह कदम पहल को और विस्तार देगा, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वादिष्ट और पौष्टिक आहार का लाभ उठा सकें। डॉ. कोटा ने कहा, “रॉयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी की सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति अटूट प्रतिबद्धता सराहनीय है। यह शिक्षा को सहानुभूति और वास्तविक प्रभाव से जोड़ने का उत्कृष्ट उदाहरण है।
आरजीयू के चांसलर डॉ. पंसारी ने कहा- “आरजीयू के विद्यार्थी, फैकल्टी और स्टाफ इस पहल में सक्रिय रूप से शामिल रहते हैं। वे न केवल भोजन तैयार करते हैं, बल्कि वितरण में भी भाग लेते हैं, जिससे युवा पीढ़ी में सेवा भावना जाग्रत होती है। डॉ. पंसारी ने कहा, “रॉयल अन्न सेवा सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि समाज में समानता और करुणा का संदेश है।”
यह आयोजन न केवल पिछले पांच वर्षों की उपलब्धियों का जश्न था, बल्कि भविष्य की ओर एक प्रेरणादायक कदम भी। रॉयल अन्न सेवा जैसे प्रयास असम और पूरे देश के लिए एक मिसाल हैं, जो दर्शाते हैं कि शिक्षा संस्थान कैसे समाज की सेवा में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।