देहरादून।उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य स्थापना दिवस पर सैनिक धाम का उद्घाटन न करने को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का दावा है कि प्रधानमंत्री ने उद्घाटन इसलिए टाल दिया क्योंकि यह पूरा प्रोजेक्ट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है।
कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसोनी ने कहा कि प्रधानमंत्री हर मंच से सैनिकों के सम्मान की बात करते हैं, लेकिन जब सैनिकों की शौर्यगाथा को समर्पित धाम के उद्घाटन का अवसर आया, तो उन्होंने खुद उससे दूरी बना ली। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भाजपा सरकार को इस परियोजना में हुए घोटालों की पूरी जानकारी है।
प्रवक्ता ने बताया कि देहरादून में उत्तराखंड पेयजल संसाधन एवं विकास निर्माण निगम द्वारा बनाए जा रहे इस सैनिक धाम में करोड़ों रुपये की अनियमितताएं सामने आई हैं। टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी, मनमाने भुगतान, और फर्जी बिलों के ज़रिए भ्रष्टाचार का बड़ा खेल खेला गया है।
कांग्रेस ने दावा किया है कि विभागीय दस्तावेज़ों और प्रारंभिक जांच रिपोर्टों से स्पष्ट है कि परियोजना की वास्तविक लागत से कई गुना अधिक भुगतान ठेकेदारों को किया गया है। इसके बावजूद सरकार ने अब तक किसी भी अधिकारी या ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सैनिकों के नाम पर राजनीतिक लाभ तो उठाती है, लेकिन शहीदों के नाम पर भ्रष्टाचार करने से भी नहीं हिचकती। पार्टी ने इसे “शहीदों के सम्मान पर कलंक” बताया है और मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच कराई जाए।
कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री का सैनिक धाम से दूरी बनाना इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार भी इस घोटाले से खुद को अलग रखना चाहती है। लेकिन कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह इस मुद्दे को जनता के सामने लाकर पूरा सच उजागर करेगी।