गुवाहाटी में इंडो-फ्रेंच निवेश फोरम: असम बन रहा सेमीकंडक्टर हब

सिंधिया ने कहा- पूर्वोत्तर अब 'लैंडलॉक्ड' नहीं, 'लैंडलिंक्ड'

सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार

गुवाहाटी। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को गुवाहाटी में इंडो-फ्रेंच नॉर्थईस्ट इन्वेस्टमेंट फोरम को संबोधित करते हुए भारत-फ्रांस संबंधों को दुनिया की सबसे व्यापक रणनीतिक साझेदारियों में से एक बताया। उन्होंने कहा, “यह फोरम विजन और वेंचर के बीच एक पुल है। भारत-फ्रांस रिश्ते सिर्फ संधियों से नहीं, बल्कि विश्वास से बंधे हैं।”

यह फोरम सिंधिया के चार दिवसीय पूर्वोत्तर दौरे का अंतिम चरण था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत-फ्रांस संबंधों को “स्ट्रैटेजी विद सोल और इनोवेशन विद इंक्लूजन” का प्रतीक बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने रक्षा, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और सस्टेनेबल सिटीज में सहयोग की मिसालें गिनाईं।

मोदी के नेतृत्व में मील के पत्थर2015:
पीएम मोदी और फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद द्वारा इंटरनेशनल सोलर अलायंस की शुरुआत।
स्मार्ट सिटीज: शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग।
राफेल डील: आत्मनिर्भर भारत से जुड़ी साझेदारी।
2024: पेरिस की आइफेल टावर पर यूपीआई लॉन्च, जो भारत की फिनटेक क्रांति को यूरोप तक ले गया।

सिंधिया ने कहा, “आज हम इस रोशनी को पूर्वोत्तर तक फैला रहे हैं, जो इंडो-फ्रेंच सहयोग का नया फ्रंटियर बन रहा है।”

पूर्वोत्तर का ट्रांसफॉर्मेशन: 10 साल में क्रांतिपिछले दशक में पूर्वोत्तर को ‘लैंडलॉक्ड’ से ‘लैंडलिंक्ड’ बनाने पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने आंकड़े पेश किए:केंद्र का निवेश: 10% जीबीएस के तहत ₹6.2 लाख करोड़।
सड़कें: 6,500 किमी नई।
रेलवे: 900 किमी।
एयरपोर्ट: 17 ऑपरेशनल।
ब्रॉडबैंड: भारतनेट से 96% गांव कनेक्टेड।
राइजिंग नॉर्थईस्ट समिट: ₹4.48 लाख करोड़ के निवेश वादे।

असम को सेमीकंडक्टर हब बताते हुए सिंधिया ने ₹22,864 करोड़ की शिलांग-सिलचर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का जिक्र किया, जो असम-मेघालय को त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर से जोड़कर बंगाल की खाड़ी व आसियान तक व्यापार कॉरिडोर खोलेगी।फ्रेंच कंपनियां पहले से सक्रियटोटल एनर्जीज: ग्रीन पावर।
एयरबस, डसॉल्ट सिस्टेम्स: एविएशन और डिजाइन।
डेकाथलॉन: रिटेल।
पोमा: सस्टेनेबल मोबिलिटी।

निवेश के नए अवसर
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कृषि-व्यवसाय, रिन्यूएबल एनर्जी, टूरिज्म, स्मार्ट अर्बन इंफ्रा, हस्तशिल्प, आईटी, एयरोस्पेस और शिक्षा में जॉइंट वेंचर्स की दावत दी। यूएनएनएटीआई, पीएलआई और सिंगल-विंडो सुविधाओं का हवाला देते हुए कहा, “असम पूर्वोत्तर की पुनरुत्थान का द्वार और भारत की एक्ट ईस्ट व इंडो-पैसिफिक विजन का केंद्र है।”
सिंधिया का विजन: ब्रह्मपुत्र से सीन तक पुल”
पूर्वोत्तर, असम के दिल में, भारत का बेस्ट-केप्ट सीक्रेट है- शांत सुंदरता, मजबूत आत्मा और उड़ान भरता पोटेंशियल।” मंत्री ने इंडो-फ्रेंच कॉरिडोर की कल्पना की, जो “टेक्नोलॉजी को ट्रेडिहे और इनोवेशन को इंक्लूजन से जोड़ेगा।”समापन में बोले, “पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मविश्वास से उठ रहा है, असम पूर्वोत्तर की ग्रोथ स्टोरी लीड कर रहा है। आइए इस फोरम को अवसरों का जीवंत पुल बनाएं- ब्रह्मपुत्र से सीन तक, पेरिस से पासीघाट तक।”

यह फोरम पूर्वोत्तर को वैश्विक निवेश का हॉटस्पॉट बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। फ्रेंच डेलिगेशन ने भी सहयोग की मजबूत इच्छा जताई।

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