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शहरों से लेकर कस्बों तक बढ़ता साइबर हमलों का खतरा: कूरियर स्कैम से कैसे बचें, व्यापक सतर्कता जरूरी

सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
गुवाहाटी। असम की राजधानी दिसपुर को अपने में सहेजे गुवाहाटी में साइबर अपराधियों की सक्रियता ने आम नागरिकों के लिये मुसीबत खड़ी कर दी है। हाल के दिनों में कतिपय कूरियर कंपनियों के नाम पर फर्जी कॉल और मैसेज के जरिये लोगों को लूटने के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं।

एक फेसबुक पोस्ट के जरिये सामने आई इस सतर्कता ने पूरे देश में चर्चा छेड़ दी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह समस्या केवल गुवाहाटी तक सीमित नहीं? पूरे भारत में ऐसे स्कैम ने लाखों रुपयों तक का चूना लोगों को लगाया है। आइये जानते हैं इस खतरे की पूरी सच्चाई और इससे बचने के कारगर उपाय।

समस्या की गहराई: गुवाहाटी से आगे का खतरा
गुवाहाटी पुलिस ने हाल के समय में में कई साइबर फ्रॉड गिरोहों का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। अगस्त 2025 में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो ऑनलाइन स्कैम के जरिये लोगों को ठग रहे थे। जनवरी 2025 में जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुवाहाटी में साइबर क्राइम की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिनमें कूरियर फ्रॉड, जॉब स्कैम और ऑनलाइन ग्रूमिंग शामिल हैं। लेकिन यह सिर्फ स्थानीय समस्या नहीं—राष्ट्रीय स्तर पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ और कूरियर स्कैम ने हाहाकार मचा रखा है।
सितंबर 2025 में गुरुग्राम की एक महिला को कूरियर कंपनी के नाम पर कॉल आया, जिसमें दावा किया गया कि उसके नाम पर ड्रग्स की खेप जब्त हुई है। घबराहट में उसने 58 लाख रुपये गंवा दिये। इसी तरह, बेंगलुरु में एक व्यक्ति को 1.2 करोड़ का चूना लगा। ये स्कैम ‘स्पूफ कॉल्स’ पर आधारित हैं, जहां विदेशी नंबरों को भारतीय नंबरों जैसा दिखाया जाता है।
सरकार ने 22 अक्टूबर 2024 को ‘इंटरनेशनल इनकमिंग स्पूफ्ड कॉल्स प्रिवेंशन सिस्टम’ लॉन्च किया, जिसने पहले 24 घंटों में ही 1.35 करोड़ फर्जी कॉल्स को ब्लॉक कर दिया। फिर भी, 2025 में साइबर फ्रॉड से 14,570 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
सोशल मीडिया पर भी ऐसी घटनाओं की बाढ़ आ गई है। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर यूजर्स ने शेयर किया कि उन्हें शॉपिफाई और शिपरॉकेट जैसे प्लेटफॉर्म्स के नाम पर फर्जी लिंक भेजे गये, जो पैसे चुराने के जाल थे। एक यूजर ने बताया कि डिलीवरी बॉय के नाम पर तीसरे पक्ष से पार्सल लेने की मांग की गई, जो स्कैम साबित हुई।

दोस्त की फेसबुक पोस्ट में छिपी सच्चाई: ये टिप्स आपकी जान बचा सकते हैं। इस फेसबुक पोस्ट ने सही मुद्दा उठाया है। उनके दिये टिप्स न केवल व्यावहारिक हैं, बल्कि विशेषज्ञों द्वारा भी सुझाये जाते हैं। आइये इन्हें विस्तार से समझें और कुछ अतिरिक्त सलाह जोड़ें:

सतर्कता के टिप्स
1. कूरियर कंपनी के नाम पर फोन आये तो डिलीवरी बॉय से सीधे बात न करें।
स्कैमर अक्सर कहते हैं, “हमारा डिलीवरी बॉय बात करेगा।” लेकिन असली कंपनी कभी ऐसा नहीं कहती। हमेशा आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर ट्रैकिंग चेक करें। इसके अतिरिक्त अगर COD (कैश ऑन डिलीवरी) का दावा हो, तो OTP न दें—यह खाता खाली करने का तरीका है।
2. कोड वाले नंबर (#, * आदि) न मिलायें,
ये IVR (इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स) स्कैम हैं, जो आपके नंबर को हैकर्स को बेच देते हैं। और ,अनजान कॉल्स को तुरंत काटें तथा 1930 पर रिपोर्ट करें।
3. व्हाट्सएप सिक्योरिटी मजबूत करें
प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर ‘टू-स्टेप वेरिफिकेशन’ चालू करें और ‘ब्लॉक अननोन कॉन्टैक्ट्स’ ऑप्शन यूज करें।
अतिरिक्त: प्रोफाइल फोटो और स्टेटस को ‘माय कॉन्टैक्ट्स’ तक सीमित रखें।
4. ‘Hi’ मैसेज से पैसे मांगने पर सावधान
यह अकाउंट हैकिंग का संकेत है। असली दोस्त कभी इतना संक्षिप्त मैसेज नहीं भेजते। कॉल करके वेरिफाई करें, लेकिन कभी लिंक न क्लिक करें।

ये टिप्स साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) और I4C (इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर) की गाइडलाइंस पर आधारित हैं। क्या आपकी जान-पहचान में ऐसा हुआ? रिपोर्टिंग ही हल है। गुवाहाटी और आसपास के इलाकों में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं—एक्स पर कई यूजर्स ने फर्जी डिलीवरी कॉल्स की शिकायत की। अगर आपके परिचितों के साथ ऐसा हुआ, तो तुरंत एक्शन लें।

रिपोर्ट कैसे करें?
1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर FIR दर्ज करायें। बैंक को सूचित करें: अगर पैसे गंवायें तो 24 घंटे के अंदर बैंक को बतायें—80% रिकवरी संभव है।
जागरूकता फैलायें: परिवार और दोस्तों को शेयर करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम के खिलाफ चेतावनी दी है।

साइबर दुनिया में सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। गुवाहाटी जैसे शहरों, यहां तक कि कस्बों में डिजिटल ग्रोथ तेज है, लेकिन अपराधी भी पहले से अधिक चालाक होते जा रहे हैं। इन टिप्स को अपनाकर न केवल खुद को, बल्कि पूरे समाज को सुरक्षित बना सकते हैं।

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