हरिद्वार। उत्तराखंड ओलंपिक संघ के अध्यक्ष **महेश नेगी** ने कहा कि उत्तराखंड अब सिर्फ देवभूमि नहीं बल्कि **खेल भूमि** के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। यह बात उन्होंने हाल ही में एक स्थानीय रेस्टोरेंट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
महेश नेगी ने बताया कि हाल ही में **उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेल** संपन्न हुए हैं। अब राज्य में **25 से अधिक खेल एक साथ आयोजित किए जा सकते हैं**, और इसके लिए राज्य के कई शहरों में अंतरराष्ट्रीय स्तर का **इन्फ्रास्ट्रक्चर** तैयार किया जा चुका है। इनमें शूटिंग, साइकलिंग, फेंसिंग, जलक्रीड़ा और हॉकी जैसे प्रमुख खेल शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि हरिद्वार में राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद हल्द्वानी में **इंटरनेशनल फेंसिंग प्रतियोगिता** भी संपन्न हुई, जिसमें **17 देशों के खिलाड़ी** शामिल हुए। इसी क्रम में आज देहरादून में **बास्केटबॉल जूनियर चैंपियनशिप** का आयोजन किया जा रहा है।
राज्य सरकार और ओलंपिक संघ खेलों को बढ़ावा देने के लिए **स्पोर्ट्स हॉस्टल** बना रहे हैं, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आवासीय सुविधाएं मिल सकें। इस बार उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों में **103 पदक** हासिल किए और देश में **सातवें स्थान** पर रहे।
महेश नेगी ने कहा कि **राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेताओं** को प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा, खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को **सरकारी नौकरी** देने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें आर्थिक सुरक्षा और सम्मान मिल सके।
प्रेस वार्ता में बास्केटबॉल के प्रदेश उपाध्यक्ष **विकास तिवारी**, सचिव **संजय चौहान**, जिला अध्यक्ष **ललित नैय्यर**, ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष **भगवान कार्की**, और बास्केटबॉल अध्यक्ष **बजाज हीरा सिंह** सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
उत्तराखंड की यह पहल न केवल खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही है, बल्कि राज्य को खेलों के क्षेत्र में **राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मान्यता** दिलाने में भी मदद कर रही है।