अतिवृष्टि से चमोली में 12 लोग लापता, 200 ग्रामीणों का रेस्क्यू – एनडीआरएफ-एसडीआरएफ मौके

देहरादून। उत्तराखंड के **चमोली जिले** में आई भीषण आपदा ने कई गांवों को प्रभावित किया है। तहसील नंदानगर के ग्राम **कुन्तरी लगाफाली, कुन्तरी सरपाणी और धुर्मा** में देर रात अतिवृष्टि के चलते भारी मलबा आया, जिससे जन-धन की भारी हानि हुई।

मुख्यमंत्री **पुष्कर सिंह धामी** ने आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव **विनोद कुमार सुमन** से पूरी स्थिति की जानकारी ली। सीएम ने निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, घायलों का बेहतर इलाज कराने और लापता लोगों की खोज अभियान को युद्ध स्तर पर चलाया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस आपदा की घड़ी में पूरी मजबूती से पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। साथ ही क्षतिग्रस्त मकानों वाले परिवारों के लिए भोजन, स्वास्थ्य और रहने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से सुनिश्चित की जाएगी। सीएम ने बिजली-पानी की आपूर्ति बहाल करने और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत जल्द करने के भी आदेश दिए।

सचिव **विनोद कुमार सुमन** ने जानकारी दी कि गुरुवार तड़के लगभग **3 बजे** नंदानगर के ग्राम **कुन्तरी लगाफाली** में मलबे में दबने से **आठ लोग लापता** हो गए, जबकि **15-20 भवन और गौशालाएं क्षतिग्रस्त** हुई हैं। राहत दल ने तीन लोगों को रेस्क्यू किया है, जिनमें दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। अब तक लगभग **150-200 ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है**।

इसी तरह **कुन्तरी सरपाणी** गांव में अतिवृष्टि से **दो लोग लापता** हो गए और दो भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। यहां भी सौ से अधिक ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला गया है। वहीं, **धुर्मा गांव** में मोक्ष नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से **दो व्यक्तियों के लापता होने** और **8-10 भवनों के क्षतिग्रस्त** होने की सूचना है।

मौके पर **एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आईटीबीपी गौचर की 8वीं वाहिनी** को राहत-बचाव के लिए भेजा गया है। हालांकि, **भारी बारिश और लगातार भूस्खलन** के कारण टीमों को मौके पर पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं। कई स्थानों पर रास्ते बंद होने से बचाव दल पैदल ही प्रभावित गांवों की ओर बढ़ रहे हैं।

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