लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण ऋषिकेश–गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो रही है। धरासू–नालूपानी के बीच यह हाईवे बार-बार बंद हो रहा है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

गुरुवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि नालूपानी–धरासू मार्ग जनसुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। बार-बार पहाड़ से मलबा और पत्थर गिरने से यह हाईवे बंद हो रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है।
जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग चिन्हित किया है। यह मार्ग *उत्तरकाशी–संकूर्णाधार–धौन्तरी–रातलधार–लंबगांव–डोबराचांटी पुल–जाख–चंबा मोटर मार्ग* (राज्य मार्ग) से होकर गुजरता है। इस मार्ग की कुल लंबाई लगभग 108 किलोमीटर है और यह उत्तरकाशी एवं टिहरी जनपद को जोड़ता है। फिलहाल यही रास्ता सुरक्षित और आवश्यक वैकल्पिक यातायात मार्ग माना गया है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र ने जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल को पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि संबंधित निर्माण इकाई, लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देशित किया जाए कि राज्य मार्ग को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। साथ ही, संवेदनशील स्थलों पर मशीनरी की तैनाती और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन ने आम जनता और यात्रियों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए गंगोत्री हाईवे की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा प्रारंभ करें। आवश्यकता पड़ने पर यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग का ही उपयोग करने की सलाह दी गई है।
गंगोत्री हाईवे के बार-बार बंद होने से न केवल स्थानीय लोग प्रभावित हो रहे हैं बल्कि गंगोत्री धाम आने वाले यात्रियों और पर्यटकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मार्ग को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।