मथुरा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां यूको बैंक की कोतवाली रोड शाखा की वरिष्ठ प्रबंधक प्रमुख गरिमा सिंह को सीबीआई ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उन्होंने एक करोड़ रुपये के लोन की एवज में चार लाख रुपये की अवैध मांग की थी।
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, शिकायतकर्ता की फर्म को बैंक से एक करोड़ रुपये का कैश क्रेडिट (सीसी) लोन स्वीकृत किया गया था। लेकिन बैंक की शाखा प्रमुख ने केवल 90 लाख रुपये ही जारी किए और शेष 10 लाख रुपये रोक लिए। आरोप है कि शेष राशि जारी करने के लिए उन्होंने शिकायतकर्ता से मोटी रकम की मांग शुरू कर दी।
इस बीच, जब शिकायतकर्ता का बेटा बैंक पहुंचा, तो वहां शाखा प्रमुख ने खुले तौर पर कहा कि अगर लोन की पूरी राशि चाहिए तो चार लाख रुपये देने होंगे। यह रकम कुल लोन का लगभग चार प्रतिशत बताई गई। शिकायत से परेशान होकर पीड़ित परिवार ने सीबीआई से संपर्क किया और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
सीबीआई ने शिकायत की पुष्टि के बाद कार्रवाई की रणनीति बनाई। सोमवार को एजेंसी की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को उसके एक निजी सहयोगी के साथ दो लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद दोनों को हिरासत में ले लिया गया।
सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि रिश्वत की पूरी रकम चार लाख रुपये तय की गई थी, जिसमें से पहली किस्त आरोपी ने स्वीकार कर ली थी। एजेंसी ने इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
गौरतलब है कि सीबीआई लगातार ऐसे मामलों में निगरानी रखे हुए है और बैंकिंग सेक्टर में बढ़ रही रिश्वतखोरी को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई कर रही है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की गहन जांच जारी है।